
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुनारखेड़ी फाटे के पास 120 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की निर्माण गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मार्च में बड़े दावों के साथ वाहनों के लिए खोली गई एक लेन पहली ही बारिश नहीं झेल सकी। सड़क उखड़ने के बाद करीब एक सप्ताह पहले कराए गए पेचवर्क ने भी जवाब दे दिया। जहां मरम्मत की गई थी, वहां से गिट्टी दोबारा निकल गई, गड्ढे फिर उभर आए और पूरे हिस्से में धूल उड़ने लगी है।
करीब 175 मीटर लंबे हिस्से में सड़क की स्थिति सबसे अधिक खराब है। डामर उखड़ने से वाहन चालकों को झटकों के साथ गुजरना पड़ रहा है। तेज रफ्तार वाहनों से उड़ती धूल के कारण दृश्यता भी प्रभावित हो रही है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की परियोजना में कुछ ही महीनों में सड़क का खराब होना निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उधर, लोग उखड़ी सड़क के वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
जल्दबाजी में शुरू किया गया था यातायात
रेलवे क्रॉसिंग समाप्त करने के उद्देश्य से करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे आरओबी का निर्माण वर्ष 2024 में शुरू हुआ था। इसे डेढ़ वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन तय समय में काम पूरा नहीं हो सका। 23 मार्च को पीथमपुर से धार तक टावर वैगन इंजन की टेस्टिंग प्रस्तावित थी। इसे देखते हुए निर्माण एजेंसी ने जल्दबाजी में एक लेन तैयार कर यातायात शुरू कर दिया। अब उसी लेन की सड़क सबसे पहले खराब हो गई है।
जहां आरसीसी सड़क बननी थी, वहां बिछा दिया डामर
जांच में सामने आया है कि जिस 175 मीटर हिस्से में सड़क उखड़ी है, वहां मूल डिजाइन के अनुसार आरसीसी सड़क बनाई जानी थी। लेकिन टेस्टिंग समय पर कराने के दबाव में वहां डामर बिछा दिया गया। कुछ ही महीनों में डामर की परत उखड़ गई और बाद में किया गया पेचवर्क भी टिक नहीं पाया। दूसरी ओर निर्माणाधीन लेन में अब आरसीसी सड़क बनाई जा रही है।
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