
नईदुनिया प्रतिनिधि ,धार। धार जिले के धामनोद क्षेत्र से एक ऐसा दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। महज 12 दिन का एक नवजात, जो अपने पिता की गोद में घर के भीतर सो रहा था, अचानक आकाशीय बिजली की तेज गड़गड़ाहट से इस कदर घबरा गया कि उसकी सांसें थम गईं। दावा किया जा रहा है कि बच्चे के शरीर पर बिजली गिरने का कोई निशान नहीं था, लेकिन तेज धमाके के बाद उसकी मौत हो गई। यह घटना अब कई सवाल खड़े कर रही है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
धामनोद के समीप ग्राम पंचायत फरसपुरा के सिमराली भावड़िया अवार गांव में मंगलवार शाम करीब चार बजे हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। मृतक मासूम का जन्म 26 जून को गुजरी शासकीय अस्पताल में हुआ था। जन्म के महज 12 दिन बाद ही परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
परिजन के अनुसार मंगलवार शाम क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। बच्चे के पिता संदीप अपने नवजात बेटे को गोद में लेकर घर के भीतर सुला रहे थे। इसी दौरान अचानक बेहद तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली कड़की। गड़गड़ाहट इतनी भयावह थी कि पूरा घर कांप उठा। परिजन जब तक कुछ समझ पाते, बच्चे की हालत बिगड़ चुकी थी। तत्काल उसे धामनोद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. श्वेता सांवले ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बच्चे के शरीर पर बिजली गिरने या जलने के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। ऐसे में यह जांच का विषय बन गया है कि आखिर मौत का वास्तविक कारण क्या था।
जानकारों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति पर सीधे बिजली नहीं गिरी हो, तब केवल गड़गड़ाहट की आवाज से मौत होना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। चिकित्सकीय दृष्टि से भी यह मामला असामान्य है। संभावना जताई जा रही है कि तेज धमाके के कारण बच्चे को अचानक गंभीर शारीरिक प्रतिक्रिया या कार्डियक अरेस्ट हुआ हो, हालांकि इसकी पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
गांव में घटना के बाद शोक का माहौल है। जिस घर में 12 दिन पहले किलकारियां गूंजी थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। मां रीना का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता संदीप सदमे में हैं। पूरे गांव के लोग इस घटना को अविश्वसनीय बताते हुए परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। यदि आवश्यकता पड़ी तो विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय भी ली जाएगी। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि स्थानीय लोगों के अनुसार केवल आकाशीय बिजली की गड़गड़ाहट से नवजात की मौत का यह संभवतः पहला मामला है।
धार जिले में मंगलवार को मानसून की तेज वर्षा ने जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी, वहीं एक परिवार पर दुखों का पहाड़ भी टूट पड़ा। दोपहर बाद करीब सवा घंटे तक हुई मूसलधार वर्षा के बीच उफनते नाले को पार करते समय एक 50 वर्षीय मजदूर बह गया। उसका शव कई किलोमीटर दूर ग्राम लबरावदा के पास नाले के किनारे मिला। ग्रामीणों ने शव को बाहर निकालकर पुलिस को सूचना दी।
घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर सामने आने के बाद स्वजन को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद वे जिला अस्पताल पहुंचे और शव की पहचान देवीसिंह पुत्र हिंदूसिंह (50) निवासी तोरनोद के रूप में हुई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरु कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
स्वजन ने बताया कि देवीसिंह अपनी बेटी के घर ग्राम गरड़ावद गए थे। वापस लौटते समय तेज वर्षा के कारण नाले में अचानक पानी बढ़ गया। इसी दौरान बाइक सहित नाला पार करने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव में संतुलन बिगड़ गया और वे पानी में बह गए। उनकी बाइक भी नाले में बह गई, जिसका देर शाम तक पता नहीं चल सका। देवीसिंह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। नौगांव पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
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