
नईदुनिया प्रतिनिधि, अमझेरा (धार)। जिले के प्रसिद्ध पांडवकालीन माने जाने वाले धार्मिक स्थल गंगा महादेव क्षेत्र स्थित सदियों पुराने पुरातात्विक महत्व के प्राचीन मंदिर में बीती रात अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा तोड़फोड़ कर उसे ढहा दिए जाने की घटना सामने आई है। इससे क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक धरोहर को आघात पहुंचा है।
काले पत्थरों से निर्मित यह प्राचीन स्तंभनुमा मंदिर अपनी अनूठी शिल्पकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। बीती रात अज्ञात लोगों ने मंदिर परिसर में तोड़फोड़ कर संरचना को क्षति पहुंचाई, जिससे मंदिर का अधिकांश हिस्सा ढह गया।
घटना की जानकारी सुबह ग्रामीणों को लगी, जिसके बाद बड़ी संख्या में सुल्तानपुर सहित आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर अमझेरा थाना प्रभारी राजू मकवाना एवं नायब तहसीलदार काशीराम वास्केल सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया।
स्थानीय लोगों का प्रारंभिक अनुमान है कि अज्ञात लोगों ने गड़े धन की लालच में इस प्राचीन मंदिर को निशाना बनाया होगा। इसी उद्देश्य से मंदिर परिसर में तोड़फोड़ कर संरचना को क्षति पहुंचाई गई। बताया जा रहा है कि मंदिर के आसपास कुछ स्थानों पर पेड़ों के कटे होने के निशान भी पाए गए हैं।
घटना को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी और प्राचीन धरोहरों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसा कृत्य करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अज्ञात आरोपितों की तलाश की जा रही है।
शिक्षा के मंदिर पर हमला: गीदम के सरस्वती शिशु मंदिर में तोड़फोड़ से दंतेवाड़ा में भारी आक्रोश!