
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक युवक को उसके स्वजन मृत समझकर पोस्टमार्टम कराने के लिए सिविल अस्पताल ले आए। अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि युवक की धड़कनें चल रही हैं और वह सांस भी ले रहा है। यह देखकर स्वजन सहित अस्पताल में मौजूद लोग भी हैरान रह गए। बाद में युवक को तत्काल प्राथमिक उपचार के रेफर किया। फिलहाल उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार प्रकाश पुत्र मोहन निवासी बटवाड़िया कलां शनिवार रात बखतगढ़ के समीप लाल घाटी क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे पहले बदनावर सिविल अस्पताल लाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर रतलाम रेफर किया गया। बाद में उसे इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बताया जाता है कि आर्थिक तंगी के कारण स्वजन युवक को इंदौर से एंबुलेंस के माध्यम से वापस घर ला रहे थे। रास्ते में उसकी हालत देखकर स्वजन को लगा कि उसकी मृत्यु हो गई है। इसके बाद वे सीधे बदनावर सिविल अस्पताल पहुंचे और पोस्टमार्टम कराने की बात कही।
सिविल अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल ऑफिसर डॉ. कृष्णा राठौर ने युवक की जांच की, तो उसकी नाड़ी और सांसें चलती हुई मिलीं। डॉक्टर ने तत्काल स्वजन को उसे किसी उच्च चिकित्सा केंद्र ले जाने की सलाह दी। इसके बाद स्वजन उसे पिटगारा स्थित निजी अस्पताल ले गए, जहां आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। देर शाम तक उसकी स्थिति स्थिर बताई गई।
युवक को मृत समझकर अस्पताल लाया गया था, लेकिन परीक्षण में उसके जीवित होने की पुष्टि हुई। समय रहते चिकित्सकीय जांच होने से उसे तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सका। - डॉ. कृष्णा राठौर, मेडिकल ऑफिसर