
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। धार की ऐतिहासिक भोजशाला में मंगलवार को नियमित सत्याग्रह श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के माहौल में संपन्न हुआ। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां वाग्देवी के दर्शन के लिए पहुंचने लगे। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
श्रद्धालुओं ने मां वाग्देवी की आरती उतारी, सामूहिक रुप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और जयकारों से पूरा भोजशाला परिसर गूंज उठा। इस अवसर पर गर्भगृह को विशेष रूप से सजाया गया था, जिससे मंदिर का वातावरण और भी आकर्षक नजर आया।
नियमित सत्याग्रह में इस बार महाराजा भोज स्मृति वसंतोत्सव समिति के वर्ष 1952 से जुड़े संस्थागत सदस्य रमेशचंद्र परमार (मिथ्यावादी) तथा लंबे समय से भोजशाला मुक्ति आंदोलन से जुड़े सत्यनारायण शर्मा विशेष रूप से शामिल हुए। दोनों ने मां वाग्देवी की आरती की।
इसके बाद समिति की ओर से दोनों वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि भोजशाला की मुक्ति के लिए दशकों तक समाज ने संघर्ष किया है। अनेक लोगों के त्याग, समर्पण और लगातार चले सत्याग्रह के परिणामस्वरुप आज यहां नियमित पूजा-अर्चना और आरती का क्रम जारी है। देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु मां वाग्देवी के दर्शन के लिए धार पहुंच रहे हैं, जिससे भोजशाला की धार्मिक पहचान लगातार मजबूत हो रही है।
परमार व शर्मा ने कहा कि अब समय आ गया है कि भोजशाला को उसके प्राचीन और गौरवशाली स्वरूप में विकसित किया जाए। उन्होंने मांग की कि जिस सरस्वती लोक की घोषणा की गई है, उसका कार्य भी जल्द धरातल पर शुरु होना चाहिए। उनका कहना था कि इससे न केवल भोजशाला का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक वैभव और अधिक निखरेगा, बल्कि धार को देशभर में एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रुप में नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि ये केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को संजोने का प्रयास होगा।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि नियमित सत्याग्रह ने समाज को एक सूत्र में बांधने का काम किया है। भविष्य में भी इसी तरह समाज एकजुट होकर भोजशाला के गौरव को और बढ़ाने के लिए प्रयास करता रहेगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में सत्याग्रह और पूजा-अर्चना में शामिल होने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भोज उत्सव समिति के संरक्षक कृष्णा नागर, विश्वास पांडे, मार्गदर्शक राजेश शुक्ला, अध्यक्ष सुरेश जलोदिया, महामंत्री सुमित चौधरी, महाप्रबंधक हेमंत दौराया, सत्याग्रह प्रमुख एवं भोज मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में समिति पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मातृशक्ति और श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा।