• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • ए आई बूटकैंप
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • धार

धार में पूर्व इमामबाड़ा को लेकर मुस्लिम समाज की याचिका पर हाईकोर्ट इंदौर खंडपीठ में सुनवाई आज

हटवाड़ा क्षेत्र स्थित पूर्व इमामबाड़ा परिसर पर विरोध कर लोगों को रोकने एवं प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन किए जाने के मामले में पुलिस ने लगभग 100 लोगों...और पढ़ें

By Rais MohammadEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Thu, 25 Jun 2026 01:09:21 PM (IST)Updated Date: Thu, 25 Jun 2026 01:12:48 PM (IST)
धार में पूर्व इमामबाड़ा को लेकर मुस्लिम समाज की याचिका पर हाईकोर्ट इंदौर खंडपीठ में सुनवाई आज
धार के हटवाड़ा क्षेत्र में मंगलवार रात्रि को पूर्व इमामबाड़े के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। पुलिस ने विशेष सुरक्षा इंतजाम किए। (वीडियो ग्रैब)

HighLights

  1. हंगामा कर रहे लोगों ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर मार्ग अवरुद्ध कर रखा था
  2. मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने हंगामा किया, इससे आवागमन बाधित हुआ और आदेश का उल्लंघन भी हुआ
  3. जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों ने त्योहार मनाने के लिए आ रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। नगर में बीती रात हटवाड़ा क्षेत्र स्थित पूर्व इमामबाड़ा परिसर पर विरोध कर लोगों को रोकने एवं प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन किए जाने के मामले में पुलिस ने लगभग 100 लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। इनमें 13 लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस ने रात को समझाइश दी थी, फिर भी हंगामा किया गया व नारेबाजी की गई। पुलिस ने सख्ती कर वहां से हटाया भी था। इधर, पूर्व इमामबाड़ा यानी लोक निर्माण के भवन को लेकर मुस्लिम समाज द्वारा एक याचिका दायर की गई थी। इसमें सुनवाई अब 25 जून को होना है। ऐसे में सभी की निगाहें हाईकोर्ट इंदौर खंडपीठ के निर्णय और न्यायालय के आगामी आदेश पर टिकी हुई हैं।


अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर ने बुधवार की शाम मीडिया को बताया कि मोहर्रम पर्व के तहत मंगलवार को मेहंदी का कार्यक्रम था। इस दौरान मुस्लिम समाज की महिलाएं व पुरुष पूर्व इमामबाड़े पर माला चढ़ाने तथा मन्नत पूरी होने पर पारंपरिक रस्में निभाने पहुंची थे। मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने हंगामा किया गया। इससे आवागमन बाधित हुआ तथा एसडीएम द्वारा लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन भी किया गया। आरोपितों ने कुछ लोगों को रोका भी। संपूर्ण घटनाक्रम को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

अफवाहों पर ध्यान न दें

एएसपी डावर ने बताया कि वीडियो फुटेज और फोटोग्राफ्स की भी जांच की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों ने त्योहार मनाने के लिए आ रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया। ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें, न्यायालय के आदेशों का सम्मान करें तथा शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखें। पुलिस ने अल्लू उर्फ अल्पेश, शहनवाज बोरा, परवेज फौजा, बिट्टू, अमान मैकेनिक, सलमान, अट्टू, जावेद एमके, मजहर, सोहेल, जाका, रेहान शेख तथा अजहर सहित अन्य लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया है। इसमे अमान व मजहर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कोर्ट से अनुमति नहीं मिली, तो जुलूस नहीं निकाला जाएगा

सरकारी इमामबाड़ा ताजिया कमेटी के सदर मोहम्मद सिद्दीकी खान ने बताया कि कमेटी द्वारा हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में बेदखली अधिनियम के विरुद्ध याचिका प्रस्तुत की गई है, जिस पर 25 जून को सुनवाई होना है।कमेटी की ओर से न्यायालय के समक्ष आवश्यक दस्तावेज एवं प्रमाण प्रस्तुत किए गए हैं। समाज के जिम्मेदार लोगों की मौजूदगी में पूर्व में यह निर्णय लिया गया था कि यदि न्यायालय से इमामबाड़े में सरकारी ताजिया रखने की अनुमति प्राप्त होती है तो परंपरानुसार ताजिए एवं अखाड़ों का जुलूस निकाला जाएगा। यदि अनुमति नहीं मिलती है तो कमेटी के निर्णय अनुसार ताजियों का जुलूस, विसर्जन एवं अखाड़ों का आयोजन नहीं किया जाएगा।