
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। मार्च 2027 तक धार के हर घर में नर्मदा का पानी पहुंचेगा।" यह दावा एक बार फिर नपा द्वारा किया जा रहा है। शहर के लोग भी चाहते हैं कि इस बार इंतजार खत्म हो, लेकिन जब नईदुनिया ने परियोजना की जमीनी पड़ताल की तो तस्वीर दावों से अलग नजर आई।
कई बड़े काम अभी शुरुआती दौर में हैं, कुछ काम शुरु ही नहीं हुए हैं और सबसे बड़ी चुनौती पाइपलाइन बिछाने की है। ऐसे में सवाल यही है कि क्या अगले सिर्फ नौ महीने में पूरा काम हो पाएगा? अमृत-2 योजना के तहत नगर पालिका और नर्मदा विकास घाटी प्राधिकरण दोनों अपने-अपने हिस्से का काम कर रहे हैं, लेकिन अभी दोनों की रफ्तार ऐसी नहीं दिख रही कि तय समय पर शहर में नर्मदा जल पहुंच जाए। यदि काम में तेजी नहीं आई तो एक बार फिर समय-सीमा आगे बढ़ सकती है।
नर्मदा का पानी सीधे घरों तक नहीं पहुंचेगा। पहले उसे नए फिल्टर प्लांट में साफ किया जाएगा। इसके लिए मौजूदा प्लांट के पास 14 एमएलडी क्षमता का नया जल शोधन संयंत्र बनाया जा रहा है। नईदुनिया की पड़ताल में सामने आया कि इस प्लांट का करीब 25 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। यानी सबसे अहम हिस्सा अभी काफी पीछे है।
योजना के तहत शहर में छह नई पानी की टंकियां बनाई जानी हैं। इनमें से चार पर काम चल रहा है, लेकिन दो टंकियों का निर्माण अभी शुरु भी नहीं हुआ। भूमि और तकनीकी कारणों से काम अटका हुआ है। जब तक सभी टंकियां तैयार नहीं होंगी, तब तक पूरे शहर में पानी की सप्लाई भी संभव नहीं होगी।
परियोजना के तहत नर्मदा का पानी पहले नयापुरा तालाब और कालभैरव स्थित नटनागरा तालाब तक लाया जाएगा। यहां बनाए जा रहे दो इंटेकवेल से पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंचेगा। शुद्ध होने के बाद ही इसे शहर की पाइपलाइन के जरिए घरों तक भेजा जाएगा। यानी पूरी व्यवस्था कई चरणों में पूरी होगी।
पूरी योजना की सबसे बड़ी चुनौती करीब 46 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाना है। फिलहाल कुछ हिस्सों में काम शुरु हुआ है, लेकिन अभी लंबा रास्ता बाकी है। जानकारी के अनुसार ज्ञानपुरा क्षेत्र तक भी पाइपलाइन का काम पूरा नहीं हो पाया है। शहर की घनी आबादी, ट्रैफिक और सड़क खोदाई जैसी दिक्कतों के कारण ये काम सबसे ज्यादा समय लेने वाला माना जा रहा है।
यदि सरकार के दावे के अनुसार मार्च 2027 तक नर्मदा जल घर-घर पहुंचाना है तो नगर पालिका और नर्मदा विकास घाटी प्राधिकरण को अगले करीब नौ महीने में अपने हिस्से के सभी काम पूरे करने होंगे। फिलहाल जमीन पर जो रफ्तार दिखाई दे रही है, उसे देखते हुए ये लक्ष्य आसान नहीं लगता।
धार के लोग वर्षों से नर्मदा जल का इंतजार कर रहे हैं। हर कुछ समय बाद नई समय-सीमा तय होती है और लोगों की उम्मीदें फिर बढ़ जाती हैं। इस बार भी मार्च 2027 का लक्ष्य सामने है, लेकिन नईदुनिया की ग्राउंड रिपोर्ट बताती है कि केवल घोषणा से काम नहीं चलेगा। फिल्टर प्लांट, पानी की टंकियां, इंटेकवेल और 46 किलोमीटर पाइपलाइन जैसे बड़े काम तय समय में पूरे करना सबसे बड़ी परीक्षा होगी। अब शहरवासियों की नजर सिर्फ एक बात पर है काम की रफ्तार बढ़ती है या फिर नर्मदा जल का सपना एक बार फिर अगले वादे का इंतजार करेगा।