
नईदुनिया न्यूज, बाग। देवास जिले के खातेगांव में शराब तस्करी कर रहे ट्रक के कुचलने से थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत की खबर से बाग में शोक छा गया। हरदा से गुजरात की ओर जा रहे ट्रक को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान ट्रक ड्राइवर ने उन्हें कुचल दिया। ट्रक का पिछला पहिया उनके शरीर के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौत हो गई। दिलीप पुरी का बाग से गहरा पारिवारिक और सामाजिक जुड़ाव रहा था। वे बाग के दामाद थे।
उनका विवाह बाग के बड़केश्वर महादेव मंदिर के महंत भगवान पुरी गोस्वामी की बेटी कविता के साथ हुआ था। मूल रूप से बरमंडल के रहने वाले दिलीप पुरी का बाग में लगातार आना-जाना रहता था। वे यहां के लोगों से आत्मीयता रखते थे और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करते थे। उनके निधन की खबर से परिचितों और समाजजनों में शोक की लहर है।
भगवानपुरा गोस्वामी परिवार के भतीजे संजय पुरी गोस्वामी ने बताया कि दिलीप पुरी को बड़केश्वर मंदिर से विशेष लगाव था। वे महाशिवरात्रि और सावन में नियमित रूप से दर्शन के लिए बाग आते थे। मंदिर में दर्शन के साथ व्यवस्थाओं में भी सहयोग करते थे। पर्वों के दौरान भीड़ नियंत्रण और अन्य व्यवस्थाओं में हाथ बंटाते थे। बाग प्रवास के दौरान मंदिर में ही भोजन करना उनकी आत्मीयता का हिस्सा था। वे बाग की गुफाओं सहित आसपास के स्थलों पर भी जाते थे।
यह भी पढ़ें- दो साल सरकारी स्कूल में टीचर रहे दिलीप पुरी, फिर पुलिस ज्वाइन की और बने ऑफिसर
पुलिस सेवा में आने से पहले वे बरमंडल के समीप एक गांव में संविदा शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। परिवार में माता-पिता, पत्नी कविता, बेटी तृषा, बेटा अविक और छोटा भाई हैं। सामाजिक परंपरा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार समाधि के रूप में बरमंडल में किया जाएगा। उनके असामयिक निधन से बाग ने अपने एक आत्मीय रिश्तेदार और मिलनसार व्यक्तित्व को खो दिया है।
यह भी पढ़ें- देवास जिले में अवैध शराब से भरे ट्रक को रोक रहे थे खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी, ड्राइवर ने रौंद दिया