
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार धार की भोजशाला में वसंत पंचमी पर सूर्योदय के समय वेदारंभ के साथ ही मां वाग्देवी का पूजन जारी है। सुबह से ही बड़ी संख्या में यहां श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला चल रहा है। इलाके में चप्पे-चप्पे पर पुलिसबल तैनात है। यहां पहुंच रहे दर्शनार्थियों में बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं। धार में शोभायात्रा निकाली गई जो भोजशाला पहुंची, इसके बाद राजा भोज स्मृति वसंतोत्सव समिति की सभा हुई।
इधर वाग्देवी के चित्र को साइड के गेट से भीतर ले जाने को लेकर हिंदूवादी अड़ गए। इसके बाद वाग्देवी का चित्र भोजशाला के भीतर पहुंचा। इस दौरान पुलिस ने सभी गेटों को घेर लिया। आरएएफ भी मौके पर तैनात रही।

दोपहर एक बजे के करीब पुलिस वैन में मुस्लिम समाजजनों को नमाज के लिए भोजशाला के अंदर पहुंचाया गया।करीब दो बजे नमाज अदा की गई और इसके बाद सभी मुस्लिम समाजजन वापस बाहर निकले। सभी को मुख्य गेट के पास से ले जाया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह स्पष्ट है कहा गया था कि दोनों समुदाय के आयोजन पृथक-पृथक स्थान पर होंगे। पूजा-अर्चना निर्विघ्न होगी। मुस्लिम समाज को अलग स्थान दिया गया है।
प्रवेश द्वार पर समिति द्वारा एक बड़ा घंटा लगवाया गया है। वहीं सोशल मीडिया को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए घोषणा की जा रही है। कोई भी गलत सूचना देने पर कार्रवाई करने की चेतावनी जारी की गई है। भोजशाला के बाहरी परिसर के 300 मीटर की परिधि में लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से भी नक्शा लिया है। दोनों पक्षों की बैठक बुलाई गई। हिंदू समाज संतुष्ट है। मुस्लिम समाज से भी चर्चा हुई है, उन्हें विकल्प दिए गए। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने स्पष्ट किया कि हिंदू समाज पूर्व परंपरा के अनुसार पूजन करेगा।

कलेक्टर के अनुसार, कोर्ट का कहना है कि प्रवेश-निकासी अलग होनी चाहिए। वहीं, इससे पहले भोजशाला मुक्ति यज्ञ के पदाधिकारियों की ओर से कहा गया कि सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा शांतिपूर्ण और निर्विघ्न रूप से संपन्न होगी।


करीब 8000 पुलिसकर्मी जिले में तैनात किए गए हैं। इनमें 1000 से अधिक महिला पुलिसकर्मी हैं। 13 आईपीएस अधिकारी सुरक्षा की कमान संभाल रहे हैं। 25 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं। 107 नगर निरीक्षक व उप निरीक्षक, 393 अन्य अधिकारी-कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। भोजशाला के आसपास 300 मीटर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
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1000 सीसीटीवी कैमरे शहर और भोजशाला परिसर में लगाए हैं। 20 ड्रोन कैमरों और एआइ तकनीक से निगरानी की जा रही है। 350 से अधिक पुलिस कर्मियों को भोजशाला के भीतर और 100 पुलिस कर्मियों को छत पर तैनात किया गया है। थ्रीडी मैपिंग सहित आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया।