
नईदुनिया प्रतिनिधि, डिंडौरी। जिला चिकित्सालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब लेबर वार्ड में अचानक पावर सप्लाई में शॉट सर्किट की वजह से आग लग गई। आग लगने की घटना को मौके पर महिला स्टाफ ने देखा और फायर सेफ्टी का इस्तेमाल करते हुए बुझाया, जिससे आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक धुआं पूरे कमरे में फैल गया, जिससे प्रसूति प्रतिक्षालय, प्रसव कक्ष, पोस्ट ऑफ वार्ड में अफरा-तफरी जैसा माहौल हो गया। मरीज और उनके परिजनों में हड़कंप मच गया।
जिला चिकित्सालय में शाम को लेबर वार्ड में शॉट सर्किट की वजह से आग लग गई। पावर सप्लाई में आग लगते ही जोरदार धुआं लेबर वार्ड में फैलने लगा। धुआं देख लेबर वार्ड और आसपास के वार्ड में भर्ती गर्भवती महिला और उनके बच्चों को लेकर परिजन भागने लगे।

जो जिस हालत में था, आग की सूचना से उसी हालात में भागने लगा। अफरा-तफरी के बीच कुछ महिलाओं को स्ट्रेचर पर तो कुछ को गोद में उठाकर बाहर निकाला गया। वार्ड में रखे ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य उपकरणों को लेकर भी चिंता बढ़ गई थी।

इसी बीच मौके पर ड्यूटी कर रही महिला नर्स और महिला गार्ड ने सूझ-बूझ दिखाते हुए वार्डों की खिड़कियों को खोला और अपने स्टाफ को तत्काल सूचना दी। तब तक महिला गार्ड ललिता मरावी ने लेबर वार्ड में रखे फायर सेफ्टी उपकरण का इस्तेमाल करते हुए आग पर काबू पा लिया। अन्य महिला स्टाफ सिमरन ने भी मदद की। दोनों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया, वरना लेबर वार्ड में भर्ती दर्जनों जच्चा-बच्चा की जान खतरे में पड़ सकती थी।
सूचना मिलते ही डिंडौरी एसडीएम राम बाबू देवांगन और कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचे और घटना का जायजा लिया। मौके पर मौजूद स्टाफ ने सारे घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी दी। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि महिला वार्ड के पैसेज में एमसीबी लगा हुआ है, संभावना है कि ओवर लोड की वजह से शॉट सर्किट हुआ था।
कलेक्टर ने बताया कि महिला अटेंडेंट ललिता और सिमरन ने फायर सेफ्टी का अच्छे से इस्तेमाल करते हुए आग को बुझा दिया। तीनों वार्ड में सभी कुशल हैं, चिंता वाली कोई बात नहीं है। किसी भी मरीज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
कलेक्टर ने एमपीईबी के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एक बार पुनः जिला चिकित्सालय का निरीक्षण कर यह चेक करें कि कहीं चिकित्सालय परिसर में बिजली सप्लाई ओवर लोड तो नहीं है या वायर बदलने की जरूरत तो नहीं है। कलेक्टर ने कहा कि आगे से सुरक्षा का ध्यान रखते हुए यह प्रयास रहेगा कि कोई घटना न घटे। अस्पताल में फायर ऑडिट कराया जाएगा और सभी कर्मचारियों को फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग दी जाएगी। घटना के बाद अस्पताल में विद्युत व्यवस्था की जांच शुरू कर दी गई है।
गर्भवती महिला की मां ने बताया कि अचानक धुआं भर गया। सब भागने लगे। हम तो डर गए थे। नर्स दीदी ने जल्दी से हमें बाहर निकाला। महिला गार्ड ललिता मरावी ने बताया कि मैंने धुआं देखा तो तुरंत फायर सिलेंडर उठाया। ट्रेनिंग में सिखाया था वैसे ही आग बुझाई। बस यही ध्यान था कि मरीजों को कुछ न हो। जिला चिकित्सालय में इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।