बोर्ड परीक्षा का परिणाम 50 % से कम रहने पर ग्वालियर के प्राचार्यों और शिक्षकों पर होगी कड़ी कार्रवाई
इस आदेश से स्कूलों के प्राचार्य व शिक्षकों में खासी हलचल है। हालांकि पिछले दो सालों में ग्वालियर के जिन स्कूलों का परिणाम अच्छा नहीं रहा और महज 30 से 35 प्रतिशत रहा है।
Publish Date: Mon, 02 Nov 2026 02:27:02 PM (IST)Updated Date: Mon, 02 Nov 2026 02:27:42 PM (IST)
HighLights
- वेतनवृद्धि रोकने जैसी होगी सख्त कार्रवाई
- पिछले सालों में सिर्फ दिए गए थे नोटिस
- शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए निर्देश
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। तीन महीने बाद शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा में किसी सरकारी स्कूल का परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहता है तो संबंधित स्कूल के प्राचार्य व संबंधित विषय के शिक्षकों अनुशासनात्मक कार्रवाई के दायरे में आ जाएंगे। उनकी न केवल वेतनवृद्धि रुक सकती है बल्कि अन्य कार्रवाइयों का सामना भी करना पड़ सकता है। पिछले दिनों लोक शिक्षण विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि यदि स्कूलों का बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहता है तो सख्त कार्रवाई होगी।
आदेश की अच्छी-खासी हलचल
इस आदेश से स्कूलों के प्राचार्य व शिक्षकों में खासी हलचल है। हालांकि पिछले दो सालों में ग्वालियर के जिन स्कूलों का परिणाम अच्छा नहीं रहा और महज 30 से 35 प्रतिशत रहा है। उनके प्राचार्यों को केवल कारण बताओ नोटिस ही मिले थे। बाद में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने का प्रयास
लोक शिक्षण विभाग स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। ई-अटेंडेंस के माध्यम से स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उनकी जिम्मेदारी भी तय करना शुरू कर दिया है और कार्रवाई के दायरे में लाना शुरू कर दिया है। इसी तारतम्य में लोक शिक्षण विभाग ने आदेश जारी किया है कि जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहेगा, उनके प्राचार्यों व संबंधित विषय के शिक्षकों के खिलाफ एक वेतनवृद्धि रोकने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पिछले सालों में जिले की यह थी परीक्षा परिणाम की स्थिति
शैक्षणिक सत्र 2024-25: इस सत्र में ग्वालियर जिले का कक्षा 10वीं (हाईस्कूल) का नियमित परीक्षा परिणाम लगभग 72.45 प्रतिशत रहा था। कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम लगभग 61.93 प्रतिशत रहा था। इस साल जिले के करीब 30 स्कूलों का परीक्षा परिणाम कम रहा। इन स्कूलों में 30 प्रतिशत के करीब छात्र ही पास हुए।
शैक्षणिक सत्र 2025-26: इस सत्र में 10वीं का परीक्षा परिणाम 65.95 प्रतिशत रहा और 12वीं का 71.39 रहा। इस साल जिले के करीब 25 स्कूलों का परीक्षा परिणाम कम रहा। इन स्कूलों में 30 प्रतिशत के करीब छात्र ही पास हुए।
क्या हुई थी कार्रवाई
बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग व प्रशासन के अफसरों ने समीक्षा की और संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों व संबंधित विषयों के शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए। नोटिस के जवाब प्राचार्य व शिक्षकों ने दिए और कई कारण बता दिए। इसके बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हुई।
बोर्ड परीक्षा के परिणाम आने के बाद हर साल परिणाम की समीक्षा की जाती है और खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के प्राचार्य व शिक्षकों से जवाब भी मांगा जाता है। लेकिन इस बार डीपीआइ ने सख्त कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक ही कार्रवाई की जाएगी। - हरिओम चतुर्वेदी, संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण