
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर के चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को क्रिप्टो में निवेश का झांसा देकर की गई 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में आखिर राज्य साइबर पुलिस को पहली सफलता मिल गई। राज्य साइबर पुलिस की टीम ने शाजापुर निवासी भाजपा के जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय को पकड़ा है। ठगे गए 21.05 करोड़ रुपये में से 50 लाख रुपये जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार के बैंक खाते में गए थे।
राज्य साइबर पुलिस की टीम उसे पकड़कर ग्वालियर ले आई है और उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। उसने म्यूल खातों से जुड़े इंटरस्टेट गैंग के बारे में राज्य साइबर पुलिस को अहम जानकारी दी है, जिस पर टीम काम कर रही है। इससे मिले इनपुट के बाद एक टीम कर्नाटक, तमिलनाडु के लिए रवाना हुई है। यहां बता दें कि यह मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी है। आरोपी भारतीय सेना से रिटायर्ड है।
पकड़ा गया आरोपित दूसरों से ठगी गई रकम से ऐश कर रहा था। पता लगा है कि वह जुलाई माह में ही बैंकॉक, थाईलैंड घूमकर आया है। उसके साथ उसके और भी साथी थे।
आरोपित जगदीश कुमार मालवीय के बैंक खाते में राज्य साइबर पुलिस की टीम को 2.50 करोड़ रुपये से ज्यादा संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिला है। आशंका है कि उसने अपना खाता दूसरी ठगी की वारदातों में ठगी गई रकम की हेराफेरी के लिए भी दिया है। इस पूरी ट्रांजेक्शन को लेकर राज्य साइबर पुलिस की टीम पड़ताल में लगी है।
आरोपित वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य है और भाजपा से जुड़ा है। वह अखिल भारतीय बलाई समाज का प्रदेश उपाध्यक्ष भी है। इसके चलते कई रसूखदार, राजनीतिक लोगों के फोन उसे छोड़ने के लिए पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे। जब उन्हें बताया गया कि यह मप्र की सबसे बड़ी साइबर ठगी में शामिल है तो सिफारिश करने वाले भी दंग रह गए।
ग्वालियर के इंदरगंज स्थित रोशनीघर रोड इलाके में रहने वाले 70 वर्षीय चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय के पास एक दिसंबर को दिव्या सिंह नाम की महिला का कॉल आया था। उसने दोस्ती की। फिर अलग-अलग प्लेटफॉर्म के जरिये क्रिप्टो में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। इसके बाद इन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में एक दिसंबर 2025 से सात जुलाई 2026 के बीच 21 करोड़ पांच लाख 92 हजार रुपये जमा कर दिए। जब पैसा निकालने का प्रयास किया तो और रुपये मांगे गए। फिर ठगी का अहसास हुआ।
इसके बाद राज्य साइबर पुलिस के ग्वालियर स्थित नोडल थाने में एफआईआर दर्ज कराई। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस की पड़ताल में एक बैंक खाता शाजापुर का निकला। इसमें 50 लाख रुपये गए थे। इसके बाद यह पैसा आगे ट्रांसफर हुआ। राज्य साइबर पुलिस की टीम शाजापुर पहुंची और वहां सुंदरसी के रहने वाले जगदीश कुमार मालवीय को पकड़ लिया। जब उसे पकड़कर थाने लाए तो सामने आया कि वह भाजपा से जुड़ा है और जिला पंचायत सदस्य है।
इस ठगी के मामले में फरियादी द्वारा 76 बैंक खातों में 106 बार में 21 करोड़ पांच लाख 92 हजार रुपये भेजे। इसके बाद 15 लेयर तक पैसा गया। 15 लेयर में 20 हजार से ज्यादा बैंक खाते चिन्हित हुए हैं। इसमें करीब 35 प्रतिशत पैसा दक्षिण के राज्यों के बैंक खातों में पहुंचा है।
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21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में शाजापुर से एक आरोपित पकड़ा है, जिसके खाते में 50 लाख रुपये गए थे। रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपित वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य है। - मुकेश नारोलिया, निरीक्षक, राज्य साइबर सेल