ग्वालियर में साइबर ठगी की रकम से सराफा कारोबारी को ठगा: सोने के सिक्के खरीदे, भुगतान ठगी के रुपये से, खाता लीन होने पर खुलासा
एफआईआर तो दर्ज कर ली है, लेकिन इस शातिर ठग तक पहुंचना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। क्योंकि जिस बैंक खाते का इस्तेमाल आरटीजीएस के जरिये किया गया, वह म् ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 13 Jun 2026 02:07:56 PM (IST)Updated Date: Sat, 13 Jun 2026 02:08:21 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्र।HighLights
- बैंक खाता ‘लीन’ होते ही उड़े व्यापारी के होश
- पुलिस के लिए चुनौती बना शातिर ठगों का नेटवर्क
- शिकायत के 19 दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में साइबर ठगी की रकम से सराफा कारोबारी कुणाल पुत्र त्रिलोकचंद्र जैन को ठगने का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शातिर ठग ने किसी और से ठगी गई रकम का इस्तेमाल कर मुरार के सराफा कारोबारी से सोने के सिक्के खरीद लिए। व्यापारी के बैंक खाते में 3.31 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिये भेजे। लेकिन व्यापारी जिसे सामान्य खरीदार समझ रहा था, वह शातिर ठग निकला।
पैरों तले जमीन खिसक गई
व्यापारी को खुद के साथ हुए फर्जीवाड़े का पता तब लगा जब साइबर अपराध की रिपोर्ट के बाद व्यापारी का ही खाता लीन कर दिया गया। बैंक में जाने पर पता लगा कि उनके खाते में जो 3.31 लाख रुपये पहुंचे हैं, वह साइबर ठगी की रकम है। व्यापारी के पैरों तले जमीन खिसक गई। अब व्यापारी की शिकायत पर मुरार थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर तो दर्ज कर ली है, लेकिन इस शातिर ठग तक पहुंचना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। क्योंकि जिस बैंक खाते का इस्तेमाल आरटीजीएस के जरिये किया गया, वह म्यूल खाता है। जिसका खाताधारक कोई और है। फिलहाल पुलिस तकनीकि साक्ष्यों की मदद से पड़ताल कर रही है।
ठगी की पूरी कहानी, व्यापारी की ही जुबानी
मेरी मुरार के सदर बाजार में भीकाराम त्रिलोकचंद्र सर्राफ के नाम से सोना-चांदी के गहनों की दुकान है। 25 मई को करीब दोपहर के तीन बजे दुकान पर एक व्यक्ति आया। उसने अपना नाम जय वर्मा बताया। उसने उपहार में देने के लिए सोने के सिक्के दिखाने के लिए कहा। 20 ग्राम सोने के सिक्के उसने खरीदे। जिनका मूल्य करीब 3.31 लाख रुपये है। उसने भुगतान आरटीजीएस के जरिये करने के लिए कहा।
मैंने अपने बैंक आफ इंडिया के खाता क्रमांक 94522011000341 में भुगतान ले लिया। दो दिन बाद बैंक से मेरे पास मैसेज आया कि मेरा खाता लीन कर दिया गया है। मैं बैंक की शाखा पहुंचा। यहां पता लगा कि जो 3.31 लाख रुपये मेरे खाते में आए हैं, वह तो ठगी की रकम है। साइबर ठगी का पैसा था, जिससे खरीदारी हुई। मैने तुरंत इसकी शिकायत मुरार थाना पहुंचकर की। अब इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। आवेदन तब से पेंडिंग था।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल- 19 दिन बाद एफआईआर
इस मामले में आरोपी का मोबाइल नंबर 8965983328 पुलिस के पास फरियादी द्वारा दिया गया। बैंक से पता लगते ही इसकी शिकायत भी की गई। लेकिन पुलिस ने एफआईआर करने में ही 19 दिन का समय लगा दिया। अगर समय पर पड़ताल की जाती तो हो सकता है, इंटरस्टेट म्यूल खातों और साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क पकड़ा जाता। लेकिन मुरार पुलिस ने समय पर एफआईआर तक दर्ज नहीं की।