ग्वालियर चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव समय पर ही होंगे: गर्मी के कारण तारीख बढ़ाने की मांग खारिज, 15 जून को निर्वाचन कार्यक्रम का ऐलान
सभा में चुनाव बढ़ाने वाले पत्र को सभी सदस्यों ने एक राय से निरस्त कर दिया। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 13 Jun 2026 09:28:01 AM (IST)Updated Date: Sat, 13 Jun 2026 09:28:59 AM (IST)
HighLights
- चैंबर ऑफ कॉमर्स की चुनावी सरगर्मी तेज
- सिर्फ 15 मिनट में खत्म हुई असाधारण सभा
- 116 सदस्यों का चुनाव टालने वाला पत्र हुआ निरस्त
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की कार्यकारिणी का चुनाव निर्धारित समय यानि 18 जुलाई तक होंगे। चुनाव अधिकारी की नियुक्ति व कार्यक्रम की घोषणा 15 जून को कार्यकारिणी की बैठक में की जाएगी। यह निर्णय शुक्रवार चैंबर ऑफ कॉमर्स के सभागार में हुई असाधारण सभा की बैठक में लिया गया।
बैठक में 250 सदस्य हुए शामिल
बैठक में चैंबर के सभी पदाधिकारियों सहित 250 से अधिक सदस्य शामिल हुए। असाधारण सभा की बैठक 116 सदस्यों के हस्ताक्षर वाले उस पत्र की वजह से बुलाई गई थी, जिसमें गर्मी की वजह से चुनाव को टालने की मांग की गई थी। चूंकि इस पत्र पर कार्यकारिणी निर्णय नहीं ले सकती थी। इसलिए असाधारण सभा का आयोजन किया गया। सभा में चुनाव बढ़ाने वाले पत्र को सभी सदस्यों ने एक राय से निरस्त कर दिया।
कार्यकाल बढ़ाने के आसार
संस्था के संविधान के मुताबिक चुनी गई कार्यकारिणी अपने कार्यकाल की समाप्ति पर एक बार एक्सटेंशन यानि कार्यकाल को बढ़ा सकती है। कार्यकारिणी का कार्यकाल पहले ही बढ़ चुका है। ऐसे में इस पत्र को असाधारण सभा में रखा गया। चूंकि चुनाव बढ़ाने के लिए संस्था के संविधान में रजिस्ट्रार की अनुमति से बदलाव किया जाता तभी चुनाव आगे बढ़ाना संभव था। लेकिन बैठक में सदस्यों ने पत्र को ही निरस्त करने का निर्णय लिया। असाधारण सभा की बैठक के बाद चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने 15 जून को कार्यकारिणी बुलाने का निर्णय लिया और इस बैठक में निर्वाचन अधिकारी व कार्यक्रम की घोषणा कर दी जाएगी।
15 मिनट में खत्म हो गई बैठक
बैठक शाम 4.30 बजे शुरू हुई। लेकिन 15 मिनट में ही सदस्यों ने पत्र को निरस्त कर चुनाव कराने का निर्णय लिया। इसके बाद 4.45 पर बैठक समाप्त हो गई। इस समय में आठ मिनट में तो पिछली बैठक के मिनट पढ़े गए। इसके बाद सात मिनट में निर्णय ले लिया गया। हालांकि कयास लगाए जा रहे थे कि यह बैठक हंगामेदार रहेगी। पूरी बैठक के 15 मिनट में निपटने से किसी तरह का हंगामा नहीं हुआ।
ताकत बढ़ाने में लगा ह्वाइट हाउस
ह्वाइट हाउस में नए लोग शामिल हुए हैं। इनमें कई नामचीन लोग हैं। बताया जाता है कि डा. प्रवीण अग्रवाल के हाउस से बाहर जाकर चुनाव लड़ने की संभावना है। इस बात को देखते हुए ह्वाइट हाउस शहर के दिग्गज कारोबारियों को अपने यहां शामिल कर ताकत बढ़ाने में लगा है। जिससे यदि प्रवीण अग्रवाल मैदान में आते हैं तो उनको टक्कर दे सकें।