शीतला माता मंदिर हादसा: घायलों से मिलने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे सीएम मोहन यादव के काफिले के आगे लेटी महिला, मचा हड़कंप
शीतला माता मंदिर के गेट पर हुए भीषण हादसे के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया औ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 05:11:20 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 11:11:11 PM (IST)
हादसे में घायल मरीज से मिलते सीएम मोहन यादव। नईदुनियाHighLights
- घायलों के बेहतर इलाज पर जोर
- पीड़ित परिजनों से मुलाकात और संवेदना
- दौरे के दौरान हंगामा और मारपीट
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शीतला माता मंदिर के गेट पर हुए भीषण हादसे के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और जिले के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सीधे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे में घायल लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और उपचार की जानकारी ली। इस दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया मुख्यमंत्री को घायलों की स्थिति और हादसे से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी देते नजर आए।
ट्राॅमा सेंटर में घायलों से मिलते सीएम और सिंधिया।
पहली प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज
ट्रॉमा सेंटर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि हादसे की जांच जारी है और मामले में तत्काल कार्रवाई की गई है। यदि आवश्यकता पड़ी तो इससे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
काफिला निकलते समय सड़क पर लेटी घायल की परिजन
ट्रॉमा सेंटर से मुख्यमंत्री का काफिला रवाना होने के दौरान एक घायल की परिजन सड़क पर लेट गईं। इससे मौके पर अचानक हड़कंप मच गया। घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
जीआरएमसी डीन के साथ मारपीट की सूचना
इसी दौरान जीआरएमसी के डीन मनोज शर्मा को थप्पड़ मारे जाने की सूचना भी सामने आई। घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी की पुष्टि की जानी बाकी है।
घायलों से मिलने के बाद मृतकों के स्वजन से करेंगे मुलाकात
बता दें, मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान हादसे में जान गंवाने वालों के स्वजन से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त करने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। मुख्यमंत्री मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक भी कर सकते हैं।
इसमें हादसे के कारणों, घायलों के उपचार और जिम्मेदारों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा किए जाने की संभावना है।