ग्वालियर: स्मार्ट मीटर के खिलाफ रोशनी घर पर कांग्रेस का 'हल्ला बोल', बैरिकेड्स पर चढ़कर किया प्रदर्शन
कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी खामी इसकी तेज गति है, जिसके कारण उपभोक्ताओं पर बिजली के बिलों का अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 15 Jun 2026 03:13:40 PM (IST)Updated Date: Mon, 15 Jun 2026 03:14:12 PM (IST)
रोशनी घर के गेट पर नारेबाजी करते कांग्रेसी। नईदुनियाHighLights
- बीजेपी सरकार और ऊर्जा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी
- सुरक्षा के लिए पुलिस ने लगाए थे बैरिकेड्स
- फोटो खिंचवाने की मची होड़
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर जिला कांग्रेस ने बिजली कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर लगाए जाने के खिलाफ सोमवार को रोशनी घर स्थित बिजली कंपनी के कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र यादव और कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने किया। कांग्रेसी जुलूस की शक्ल में रोशनी घर पहुंचे और गेट पर तिरंगे झंडे लहराते हुए भाजपा सरकार और ऊर्जा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर लगाने की योजना पर पूर्ण विराम लगाने की मांग की है।
टम-टम से प्रदर्शन करने पहुंचे कांग्रेसी
कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी खामी इसकी तेज गति है, जिसके कारण उपभोक्ताओं पर बिजली के बिलों का अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि के कारण आम नागरिक का बजट पहले से बिगड़ चुका है, जिससे उन्हें बिजली का बिल जमा करने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।
महल गेट में 10 से अधिक टम-टम से प्रदर्शन करने पहुंचे कांग्रेसी, जो कि घोषित कार्यक्रम के अनुसार रोशनी घर पर हल्ला बोलने के लिए एकत्र हुए थे। यहां से वे नारेबाजी करते हुए रोशनी घर पहुंचे। कंपनी ने प्रदर्शन को देखते हुए मुख्य गेट पर पहले से ताला लगा दिया था, ताकि प्रदर्शनकारी प्रवेश न कर सकें। पुलिस ने गेट के बाहर बैरीकेट्स लगा दिए थे और बल भी तैनात किया गया था।
फोटो खिंचवाने के लिए चढ़े बैरीकेट्स पर
कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए बैरीकेट्स पर चढ़ गए। इनमें वे कार्यकर्ता शामिल थे, जो फोटो खिंचवाने के लिए बैरीकेट्स पर चढ़े थे। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता इंटरनेट मीडिया पर अपने फोटो वायरल करने के लिए समूहों के साथ फोटो शूट कराने में व्यस्त थे। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि ऊर्जा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में स्मार्ट मीटर क्यों नहीं लगाए जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि ये मीटर उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर डालते हैं। प्रदर्शन में कांग्रेसियों की संख्या कम देखकर विधायक डॉ. सतीश सिकरवार वापस लौट गए।