
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। डबरा के सराफा कारोबारी 53 वर्षीय मनोज कुमार सोनी निवासी डीएवी स्कूल वाली गली, सराफा बाजार ने हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे भितरवार थाना क्षेत्र के धूमेश्वर धाम मंदिर के पास सिंध नदी के धुंआ घाट कुंड में छलांग लगा दी। छलांग लगाने से पूर्व फोन पर अपनी बेटी को इसकी सूचना दी थी। नदी के घाट पर कपड़े और मोबाइल रखे हुए मिले हैं।
थाना प्रभारी बलवीर सिंह मावई और एसडीओपी गगन हनौत भी मौके पर पहुंचे और एसडीआरएफ के गोताखोरों के माध्यम से नदी में तलाश शुरू कराई। घंटों सर्चिंग के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा। अत्यधिक अंधेरा होने के कारण देर शाम सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा।
एनडीआरएफ की टीम और मोटर बोट से गुरुवार सुबह से नदी में सर्चिंग की जाएगी। घटना की खबर लगते ही डबरा सराफा बाजार के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंच गए।
मामले में कारोबारी का लिखा कथित सुसाइड नोट सामने आया है जो डबरा थाना प्रभारी के नाम भेजा गया है। सुसाइड नोट में मनोज ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए महिला उत्पीड़न के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल किए जाने का आरोप लगाया है।
नोट के अनुसार उससे 2.50 लाख रुपये पहले ही लिए जा चुके थे और पांच लाख रुपये की और मांग की जा रही थी। पैसे देने से इनकार करने पर यौन उत्पीड़न का आवेदन देकर एफआइआर दर्ज कराने की निरंतर धमकी दी जा रही थी। इसे हनी ट्रैप का मामला बताते हुए उसने पुलिस और न्यायपालिका से कार्रवाई की गुहार लगाई है। सुसाइड नोट में प्रवेश बघेल, विजेन्द्र बघेल के पुत्र तथा मनीष बघेल को कथित साजिश में शामिल बताया गया है।
सुसाइड नोट में वीरेंद्र सोनी, रिंकू सोनी और राममोहन सोनी का भी नाम लिखा है। आरोप है कि इन लोगों द्वारा उसके खिलाफ दुष्कर्म के मामले की चर्चा कर समाज और बाजार में बदनाम किया गया, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान था। उसने इन परिस्थितियों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाला बताया है।
मनोज ने नोट में लिखा है कि उसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है और वह अपने बच्चों के सामने स्वयं को अपमानित महसूस कर रहा था। परिजनों के अनुसार कारोबारी पिछले दो माह से इसी परेशानी से जूझ रहा था। वह कुछ दिन पहले डबरा सिटी थाने में फरियाद लेकर भी पहुंचा था, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे निराश होकर वह लौट आया था।
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मृतक कारोबारी का एक 23 साल का बेटा अमर सोनी है जो पिता के साथ ही रहता है और एक बेटी है जो देहरादून में रहकर पढ़ाई कर रही है। भितरवार पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों, कथित लेन-देन, धमकियों और महिला उत्पीड़न से जुड़े आवेदन की जांच की जाएगी। घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस नदी में लापता कारोबारी की तलाश पर है।