
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गिजौर्रा क्षेत्र में हुए अपहरण के मामले का राजफाश पुलिस ने कर दिया है। युवक ने खुद ही अपने चाचा को फंसाने के लिए अपहरण का षड़यंत्र रचा था। युवक ने खुद गायब होकर अपने ही मोबाइल से परिजनों को फिरौती के मैसेज भेजे थे, ताकि पुलिस चाचा पक्ष पर सख्त कार्रवाई करे। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच ने पूरे षड्यंत्र की पोल खोल दी। पुलिस ने आरोपित युवक को राउंडअप कर लिया है।
2024 में राहुल बघेल के नाम पर स्वजनों ने पल्सर बाइक फाइनेंस कराई थी। इस वाहन का उपयोग राहुल के चाचा और उनका परिवार कर रहे थे। वाहन की किस्तें जमा न होने पर फाइनेंस कंपनी द्वारा बैंक में जमा कराया गया चेक बाउंस हो गया। वाहन राहुल के नाम था, इसलिए बैंक ने उसके खिलाफ चेक बाउंस का कानूनी मामला दर्ज करा दिया। इसके बाद उसने चाचा से बदला लेने की योजना बनाई।
अदालती चक्कर काटने से गुस्साए राहुल ने अपने चाचा और उनके बेटों को कानूनी पचड़े में फंसाने की साजिश रची। उसने खुद के अपहरण की मनगढ़ंत कहानी गढ़ी और अचानक गायब हो गया। परिजनों को गुमराह करने और मामला पुलिस तक पहुंचाने के लिए उसने अपने ही मोबाइल फोन से फिरौती के मैसेज भेजने शुरू कर दिए। वह पांच लाख रुपये की मांग कर रहा था।
पुलिस ने तुरंत तीन टीमें इस मामले की पड़ताल में लगाईं। सीसीटीवी कैमरे देखे गए, जिसमें राहुल अकेला जाता दिखा। इसके बाद पुलिस उस तक पहुंच गई। उसने कहा कि अपहरणकर्ता उसे छोड़कर भाग गए। जब उससे थाने में पूछताछ की गई तो उसने सच बता दिया। उसने बताया कि पांच लाख रुपये और चाचा को फंसाने के लिए उसने यह षड़यंत्र रचा था।
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