जीवाजी यूनिवर्सिटी में अब आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर बैन, परिसर में 21 दिन में होगी फेंसिंग
जीवाजी विश्वविद्यालय ने बताया कि आवारा कुत्तों की समस्या को नियंत्रित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। नए निर्देशों में शैक्षणि ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 21 Feb 2026 09:56:37 PM (IST)Updated Date: Sat, 21 Feb 2026 10:09:11 PM (IST)
जीवाजी विश्वविद्यालय में आवारा कुत्तों को भोजन करवाना बैनHighLights
- जेयू में आवारा कुत्तों को भोजन करवाना बैन
- 21 दिन में होगी फेंसिंग और बाउंड्री वॉल
- निगम की होगी कुत्तों को बाहर निकालने की जिम्मेदारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में अगर किसी आवारा कुत्ते को भोजन करवाते हुए कोई मिलेगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट से मिले निर्देशों के पालन में लिया गया है। जेयू प्रबंधन ने बताया कि आवारा कुत्तों की समस्या को नियंत्रित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।
नए निर्देशों में शैक्षणिक संस्थानों को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसमें अब सभी नगरीय निकाय अपनी सीमा में स्थित शासकीय व निजी स्कूल, कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों को पांच दिन के भीतर चिह्नित करेंगे।
उनमें से आवारा कुत्तों को बाहर किया जाएगा, साथ ही तीन सप्ताह के भीतर फेंसिंग भी करवाई जाएगी। जारी निर्देशों के अनुसार नगरीय निकाय द्वारा प्रत्येक तीन माह में इन संस्थानों का निरीक्षण अनिवार्य होगा, ताकि परिसर या आसपास आवारा कुत्ते मौजूद न हों। यदि लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित निकाय के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
जेयू में 21 दिन में होगी फेंसिंग और बाउंड्री वॉल
निर्देश के पालन में जेयू को तीन सप्ताह के भीतर फेंसिंग, बाउंड्री वाल और गेट की सुदृढ़ व्यवस्था करनी होगी, जिससे कोई आवारा कुत्ता परिसर में प्रवेश न कर सके। इसके अलावा एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा, जिसका नाम और नंबर दोनों प्रवेश द्वारों पर बोर्ड लगाकर प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा जेयू प्रबंधन आवारा कुत्तों को परिसर से दूर रखने के लिए तय नियम भी उस बोर्ड पर अंकित करेगा।
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निगम की होगी कुत्तों को बाहर निकालने की जिम्मेदारी
निगम की जिम्मेदारी अलग इसके अलावा, किसी भी आवारा कुत्ते को हटाने, नसबंदी और टीकाकरण के बाद उन्हें चिह्नित आश्रय स्थलों में भेजने की जिम्मेदारी नगरीय निकाय की होगी। शैक्षणिक परिसर से आवारा कुत्तों को बाहर निकालने की जिम्मेदारी भी निगम की होगी, एक बार बाहर निकाले जाने के बाद कुत्ते दोबारा परिसर में प्रवेश न करें यह ध्यान जेयू प्रबंधन को रखना होगा।