
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बांग्लादेश से अवैध तरीके से भारत लाई गईं चार युवतियों से पूछताछ के बाद ग्वालियर की जीआरपी ने उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मानव तस्करी के इस मामले में जीआरपी ने अपने मुख्यालय को पत्र लिखकर भेजने की प्रक्रिया की अनुमति मांगी है।
पूछताछ में सामने आया है कि भारत में प्रवेश कराने के बाद युवतियों को एक ही जगह नहीं रखा जाता था। उन्हें अलग-अलग शहरों में भेजकर घरेलू काम, शादी कराने अथवा स्थानीय संपर्कों के जरिये बसाने की कोशिश की जाती थी। जांच एजेंसियां अब उन लोगों की पहचान कर रही हैं, जिन्होंने सीमा से लेकर अंतिम ठिकाने तक उनकी आवाजाही में मदद की।
जांच में नेटवर्क के एक अन्य सदस्य की भूमिका सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति कश्मीर में युवतियों को रिसीव करता था। एजेंसियां उसके संपर्कों और भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं। नेटवर्क से जुड़े मोहम्मद हसन से पूछताछ में भी कई जानकारियां मिलने की बात सामने आई है।
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