'दिमाग हैक करने वाली डिवाइस' का दावा कर ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर फेंका पेट्रोल बम, मेडिकल में निकला मानसिक बीमार
ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर पेट्रोल बम फेंकने वाले युवक की मेडिकल जांच में मानसिक बीमारी की पुष्टि हुई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की और उसे मानसिक आरो...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 08:46:07 PM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 08:46:07 PM (IST)
ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर पेट्रोल बम फेंकने वाला मेडिकल में निकला मानसिक बीमार। (एआई जनरेटेड)HighLights
- एयरफोर्स स्टेशन गेट पर युवक ने पेट्रोल बम फेंका।
- मेडिकल जांच में मानसिक रोगी होने की पुष्टि हुई।
- आठ वर्षों से वाराणसी में युवक का इलाज चल रहा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। महाराजपुरा स्थित भारतीय वायुसेना के एयरफोर्स स्टेशन के गेट पर पेट्रोल बम फेंकने वाले का मेडिकल परीक्षण कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कराया। पुलिस के मुताबिक मेडिकल परीक्षण में मानसिक रोगी होने की पुष्टि हुई है।
उसके स्वजनों से भी संपर्क किया गया, उन्होंने पूछताछ में बताया कि आठ साल से उसका वाराणसी में ही इलाज चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने उस कोई एफआइआर दर्ज नहीं की, बल्कि इलाज के लिए मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती करा दिया है।
वायुसेना के जवानों ने पकड़ा, खुफिया एजेंसियां हुईं अलर्ट
मंगलवार की रात करीब 10 बजे महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन के बाहर उप्र के वाराणसी निवासी युवक ने बियर की बोतल में पेट्रोल भरकर फेंके थे। एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा में लगे वायुसेना के जवानों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। इसके बाद महाराजपुरा थाना पुलिस को सूचना दे दी। एयरफोर्स स्टेशन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अतिसंवेदनशील क्षेत्र है। इसके चलते इंटेलिजेंस ब्यूरो सहित अन्य खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गईं।
दिमाग हैक करने की कही बात, कोर्ट के आदेश पर हुआ मेडिकल
- खुफिया एजेंसियों ने इससे पूछताछ की तो बोला कि वह आंध्रप्रदेश से तीन दिन पहले आया था। ट्रेन से ग्वालियर आने के बाद उसने स्टेशन के पास ही गेस्ट हाउस में कमरा लिया। बियर की बोतल में स्टेशन स्थित पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाया और मंगलवार रात करीब नौ बजे एयरफोर्स स्टेशन के लिए निकल गया। यहां गेट पर पेट्रोल से भरी बोतलें फेंक दी।
उसने इसके पीछे कारण बताया कि दिमाग हैक करने वाली डिवाइस बनाई गई है। इससे इंसानी दिमाग हैक किया जा रहा है। इसके अलावा और भी अनर्गल बातें वह करता रहा। पुलिस ने कोर्ट के समक्ष पेश किया, कोर्ट के आदेश पर उसका मेडिकल परीक्षण हुआ। जिसमें उसके मानसिक रोगी होने की पुष्टि हो गई। फिर उसे मानसिक आरोग्यशाला भिजवाया गया। यहां भी विशेष निगाह रखी जा रही है। पुलिस डाक्टरों से लगातार संपर्क में है। सरहद तक पहुंच चुका, अलग-अलग शहरों में घूमता रहता है
महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने नईदुनिया को बताया कि उसके स्वजनों से बात की गई। उसके स्वजनों ने बताया कि वह अलग-अलग शहरों में घूमता रहता है। पूर्व में सरहद तक पहुंच गया था। आठ साल से वाराणसी में उसका इलाज चल रहा है। स्वजनों का कहना है कि उन्हें जानकारी नहीं है कि वह किस संस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर है।
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