नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। नगर की सड़कों पर कदमताल और मृदंग की थाप के बीच गूंजते 'हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे... हरे राम, हरे राम, राम राम, हरे हरे...' महामंत्र ने शनिवार को पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया। अवसर था शनिवार को इंटरनेशनल सोसाइटी फार कृष्णा कान्शियसनेस (इस्कान) द्वारा भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र एवं बहन सुभद्रा महारानी की भव्य रथयात्रा के आयोजन का।
करीब आठ से नौ किलोमीटर लंबे मार्ग में उमस भरी गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता रहा। इस्कान के अनुसार रथयात्रा में एक लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए, जबकि चार लाख से अधिक लोगों ने मार्ग में भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
30 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद: इस्कान द्वारा जनसहयोग से 30 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई। यात्रा के दौरान 20 हजार प्रसाद पैकेट वितरित किए गए, जबकि विश्राम स्थल पर 10 हजार श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई।
इस्कान की रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ की पालकी कांधों पर उठाए भक्त। नईदुनिया
40 से 50 स्वयंसेवकों ने संभाली व्यवस्था: रथयात्रा के दौरान 40 से 50 प्रशिक्षित स्वयंसेवक यातायात और भीड़ प्रबंधन में लगे रहे। इसके अलावा सैकड़ों स्वयंसेवकों ने प्रसाद वितरण, स्वागत, सुरक्षा और चिकित्सा सहायता की जिम्मेदारी संभाली।
महाआरती के बाद रथ पर विराजे भगवान जगन्नाथ
भगवान जगन्नाथ, उनके ज्येष्ठ भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा का मंदिर में दिव्य शृंगार किया गया। इसके बाद ढोल-ताशों के साथ उन्हें जीवाजी क्लब के मुख्य द्वार तक लाया गया। उत्तर भारत के जोनल सुपरवाइजर महामन प्रभु और देवेंद्र तोमर ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना व महाआरती की।
इसके बाद भगवान को फूलों से सुसज्जित 42 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ पर विराजमान कराया गया। रथयात्रा का शुभारंभ जीवाजी क्लब से भगवान जगन्नाथ की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुआ। भाजपा के प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और सांसद भारत सिंह कुशवाह सहित संत-महात्माओं ने भगवान की आरती कर यात्रा को रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
रथयात्रा में महिलाएं भी उत्साह से शामिल हुईं, भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचती श्रद्धालु महिलाएं। नईदुनिया
इन मार्गों से निकली रथयात्रा
रथयात्रा जीवाजी क्लब से प्रारंभ होकर अचलेश्वर, सनातन मंदिर मार्ग, जयेंद्रगंज, दाल बाजार, नया बाजार, लोहिया बाजार, ऊंट पुल, पाटनकर बाजार, दौलतगंज और महाराज बाड़ा पहुंची। वहां से बाड़े की परिक्रमा करते हुए सराफा बाजार, डीडवाना ओली, गश्त का ताजिया, नई सड़क, हनुमान चौराहा और छत्री बाजार होते हुए ग्वाल वाटिका पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ। मार्ग में कई स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई और श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती कर भेंट अर्पित की।
मुख्यमंत्री नहीं हो सके शामिल
पिछले पांच वर्षों से तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और बाद में प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव रथयात्रा में शामिल होते रहे हैं। इस वर्ष इस्कान द्वारा उनके शामिल होने की घोषणा की गई थी, लेकिन व्यस्तता के कारण वे कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके।