
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में इन दिनों बुखार ने घर-घर दस्तक दे दी है, लेकिन सबसे बड़ी मुश्किल बुखार नहीं बल्कि उसकी पहचान है। तेज बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, बदन और जोड़ों में दर्द, सिरदर्द और कमजोरी यही लक्षण वायरल संक्रमण से लेकर डेंगू और स्वाइन फ्लू तक में दिखाई दे रहे हैं।
ऐसे में मरीजों के लिए शुरुआत में यह समझना मुश्किल हो रहा है कि आखिर उन्हें कौन सी बीमारी ने जकड़ा है। स्थिति यह है कि जया आरोग्य अस्पताल (जेएएच), जिला अस्पताल मुरार, सिविल अस्पताल और निजी अस्पतालों की ओपीडी में बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
डेंगू के 90 केस
चिकित्सकों के अनुसार, करीब 80 प्रतिशत मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित हैं, लेकिन इसके साथ डेंगू, चिकनगुनिया और स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने से चिंता बढ़ गई है। अब तक जिले में डेंगू के 90 मामले, चिकनगुनिया के छह और स्वाइन फ्लू के छह मामले सामने आ चुके हैं। स्वाइन फ्लू के संक्रमितों में तीन मरीज ग्वालियर के हैं।
यानी एक तरफ वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है, तो दूसरी ओर मच्छरजनित और सांस के जरिए फैलने वाली बीमारियां भी सक्रिय हैं।
दवाई लेने के बाद नहीं उतर रहा बुखार
इस बार वायरल संक्रमण का स्वरूप भी मरीजों को ज्यादा परेशान कर रहा है। कई मरीजों का कहना है कि पैरासीटामोल लेने के बाद भी बुखार जल्दी नियंत्रित नहीं हो रहा। बुखार के साथ कमजोरी और बदन दर्द कई दिनों तक बना हुआ है।
कुछ मरीजों को हालत बिगड़ने पर अस्पताल के वार्ड और आइसीयू तक में भर्ती करना पड़ रहा है। कई मरीजों के एक्स-रे में निमोनिया के लक्षण मिल रहे हैं और सांस लेने में परेशानी भी सामने आ रही है।
कुछ मरीजों की जांच में विडाल और टाइफाइड टेस्ट भी पॉजिटिव मिले हैं। इससे साफ है कि इस समय बुखार के पीछे केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि कई संक्रमण सक्रिय हैं।
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