
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। पांच दिन पहले हवाला एजेंट वासुदेव शर्मा से हुई लूट का राजफाश हो गया है। पुलिस ने पांच बदमाशों को पकड़ लिया है। फरियादी ने पांच लाख रुपये लुटने की एफआइआर लिखवाई थी। जब आरोपित पकड़े गए तो नया खुलासा हुआ। लूट पांच लाख रुपये की नहीं बल्कि 6.85 लाख रुपये की निकली। पुलिस ने बदमाशों से 6.85 लाख रुपये बरामद भी कर लिए हैं। जब पूछताछ हुई तो सामने आया- वासुदेव शर्मा का दोस्त राज शर्मा ही सरगना है। 25 फरवरी को हवाला एजेंट वासुदेव शर्मा किसी व्यक्ति को रुपये देने के लिए अचलेश्वर मंदिर के पास खड़ा था। यहां मसाला लैब के सामने काले रंग की एक्टिवा पर सवार होकर आए बदमाशों ने बैग लूट लिया।
पहले तो वासुदेव खुद को प्लायवुड कंपनी का मार्केटिंग मैनेजर बता रहा था। जब उससे आफिस के बारे में पूछा तो कुछ नहीं बता सका। पूछताछ में सामने आया कि वह मूल रूप से राजस्थान के चुरू का रहने वाला है। हवाला एजेंट है। संदीप शर्मा उसका साथी है। यह दोनों यहां किराये से रहते हैं और हवाला एजेंट का काम करते हैं। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से पड़ताल शुरू की। एएसपी अनु बेनीवाल, कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार और उनकी टीम पड़ताल में जुटी थी। एक बदमाश की पहचान हो गई। सबसे पहले पुलिस ने राज शर्मा को पकड़ा। राज शर्मा वासुदेव का दोस्त ही था, जो खुद भी इसी तरह हवाला की रकम की हेराफेरी करता है।
जब उससे पूछताछ की तो उसने अपने चार अन्य साथियों के साथ लूट करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से 6.85 लाख रुपये बरामद हो गए हैं। पुलिस ने पूछताछ की तो सामने आया कि राज की दोस्ती गैंगस्टर परमाल तोमर के भतीजे लोकेंद्र उर्फ बिट्टू तोमर से थी। बिट्टू को पता था- वह पैसों की हेराफेरी करता है। राज के साथ वह वासुदेव को रुपये देने के लिए गया था। तब बिट्टू को पता लगा कि वासुदेव के पास पांच से 10 लाख रुपये तक रहते हैं। उसने राज से कहा कि कब तक कमीशन पर रुपये पहुंचाने का काम करेंगे। वासुदेव को लूटने की योजना बनाई और 25 फरवरी को वारदात कर दी।
इस मामले में लोकेंद्र उर्फ बिट्टू, राज और शौर्य उर्फ हर्ष को दो-दो लाख रुपये मिले। करन को 35 हजार रुपये और शिवम उर्फ बनिया को 50 हजार रुपये हिस्से में मिले। पकड़े गए लुटेरे: लोकेंद्र उर्फ बिट्टू पुत्र स्व. रामकिशोर तोमर (न्यू ग्रेसिम विहार कालोनी), शौर्य उर्फ हर्ष पुत्र प्रमोद सिंह तोमर (मुरैना), राज पुत्र मुकेश शर्मा (गदाईपुरा हजीरा), राज पुत्र मुकेश शर्मा (न्यू कांच मिल) और शिवम उर्फ बनिया पुत्र सुरेंद्र सिंह तोमर (पुरानी कांच मिल)।
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