नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। पूजा और हवन के नाम पर बाजार में बेचे जा रहे घी की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। अब ऐश और आयशा नाम से बिक रहे पूजा एवं हवन के घी के निर्माण में ऐसी कंपनियों के नाम-पते का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिनकी वास्तविकता और लाइसेंस को लेकर खाद्य विभाग जांच कर रहा है।
सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गोल पहाड़िया स्थित सुभाष किराना एवं जनरल स्टोर से दोनों ब्रांड के घी के सैंपल लिए हैं। इन्हें जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
सवालों के घेरे में खाद्य विभाग
खास बात यह है कि ऐश पूजा एवं हवन घी के डिब्बे पर राजराजेश्वरी एग्रो फूड, ढोलीबुआ का पुल का नाम अंकित है। खाद्य विभाग के अनुसार इस फर्म का लाइसेंस पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इसके बावजूद इसी नाम-पते का इस्तेमाल कर घी की बिक्री की जा रही है। इससे खाद्य विभाग के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि निलंबित लाइसेंस वाली फर्म के नाम से उत्पाद बाजार में कैसे पहुंच रहा है।
दूसरे ब्रांड पर कृतिका फूड प्रोडक्ट का नाम
इसी तरह आयशा पूजा घी के निर्माणकर्ता के तौर पर कृतिका फूड प्रोडक्ट फोर्ट ग्वालियर का नाम दर्ज है। खाद्य विभाग अब दोनों ब्रांड के उत्पादों के सैंपल की जांच रिपोर्ट का इंतजार करेगा। जांच में यह स्पष्ट होगा कि घी खाद्य मानकों के अनुरूप है या नहीं।
भोपाल लैब भेजे जाएंगे सैंपल
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता ने सोमवार को सुभाष किराना एवं जनरल स्टोर से ऐश’ और आयशा पूजा और हवन के लिए इस्तेमाल किए जाने के नाम से बेचे जा रहे घी के सैंपल लिए। दोनों सैंपल जांच के लिए भोपाल स्थित लैब भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि उत्पाद में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कोई गड़बड़ी है या नहीं।
निलंबित लाइसेंस के बावजूद उत्पादन पर उठे सवाल
ऐश घी के पैकेट पर जिस राजराजेश्वरी एग्रो फूड का नाम दर्ज है, उसका लाइसेंस निलंबित होने की बात सामने आने के बाद खाद्य विभाग के सामने एक और महत्वपूर्ण जांच का बिंदु है। यदि निलंबित लाइसेंस वाली फर्म के नाम से उत्पाद का निर्माण या बिक्री जारी है तो इसके पीछे कौन है और उत्पाद वास्तव में कहां तैयार हो रहा है, इसकी भी पड़ताल जरूरी होगी।
वेज फैट, बर्गर और मखानी सास के लिए सैंपल
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए शहर के अलग-अलग प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दीप अंजली वेज. फैट, बर्गर, मखानी सास और मटर-पनीर की सब्जी के नमूने लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जाएगा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी लखनलाल कोरी ने श्री जी ट्रेडर्स का निरीक्षण किया। यहां से दीप अंजली वेज. फैट का नमूना लिया गया। इसके अलावा शिकायत के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश कुमार धाकड़ ने डीडी नगर स्थित जोरको ब्रांड आफ फूड लवर का निरीक्षण किया।
यहां से बर्गर और मखानी सास के नमूने लिए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश कुमार शर्मा ने सिटी सेंटर स्थित खाटूश्याम रेस्टोरेंट की किचिन का निरीक्षण किया। टीम ने यहां तैयार की जा रही मटर-पनीर की सब्जी का नमूना लिया।
पूजा के नाम पर पहले भी सामने आया था मामला
उल्लेखनीय है कि पूजा के नाम पर डेयरियों में नकली घी बेचे जाने का मामला नईदुनिया सामने ला चुका है। इसके बाद अब पूजा और हवन के नाम पर पैक होकर बाजार में बिक रहे इन ब्रांडों की जांच शुरू होने से मामला और गंभीर हो गया है। खाद्य विभाग अब केवल घी की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि पैकेट पर अंकित निर्माता, पता और लाइसेंस संबंधी जानकारी की भी जांच करेगा।