• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • ग्वालियर

एमपी में ई-अटेंडेंस पर सख्त फरमान... कम हाजिरी वाले शिक्षकों को मिली सैलरी, तो सीधे सस्पेंड होंगे संकुल प्राचार्य

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यप्रणाली और शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने ई-अटेंडेंस प्रणाली को लेकर कड़ा रुख अख्तियार...और पढ़ें

By Anil TomarEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Mon, 06 Jul 2026 08:04:23 PM (IST)Updated Date: Mon, 06 Jul 2026 08:04:22 PM (IST)
एमपी में ई-अटेंडेंस पर सख्त फरमान... कम हाजिरी वाले शिक्षकों को मिली सैलरी, तो सीधे सस्पेंड होंगे संकुल प्राचार्य
एमपी में ई-अटेंडेंस पर सख्त फरमान

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यप्रणाली और शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने ई-अटेंडेंस प्रणाली को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने साफ कर दिया है कि जो शिक्षक निर्धारित मानकों के अनुरूप हर दिन ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं कर रहे हैं, उन पर सीधी गाज गिरेगी। इस संबंध में सबसे बड़ी जिम्मेदारी संकुल प्राचार्यों की तय की गई है।

आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह द्वारा जारी कड़े निर्देशों के अनुसार, यदि किसी संकुल प्राचार्य ने कम उपस्थिति वाले शिक्षकों का वेतन रोकने या काटने के बजाय उसे आहरण कर दिया, तो संबंधित प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाएगा। ग्वालियर जिला शिक्षा विभाग ने भी इस आदेश के बाद स्थानीय स्तर पर सभी संकुल प्राचार्यों को अलर्ट जारी कर दिया है।


क्या है पूरा मामला और क्या हैं नए निर्देश?

दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने एक जुलाई से सभी शासकीय स्कूलों के शिक्षकों और अधिकारियों के लिए ई-अटेंडेंस को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। इसके बावजूद विभाग के संज्ञान में आया था कि कई शिक्षक नियमित रूप से और निर्धारित मानकों के तहत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं।

हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर एक भ्रामक खबर भी वायरल हो रही थी कि 90 प्रतिशत से कम ई-अटेंडेंस वाले हजारों शिक्षकों को सीधे सस्पेंड किया जा रहा है। इस पर वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए डीपीआई ने साफ किया कि निलंबन की पहली गाज शिक्षकों पर नहीं, बल्कि उन संकुल प्राचार्यों पर गिरेगी जो लापरवाही बरतकर ऐसे शिक्षकों का वेतन जारी करेंगे। नियम के मुताबिक, शॉर्ट अटेंडेंस की स्थिति में शिक्षकों की आनुपातिक वेतन कटौती की जानी है, और इस नियम का पालन कराना संकुल प्राचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।

लापरवाही की तो जिला शिक्षा अधिकारी और संयुक्त संचालक भी नहीं बचेंगे

डीपीआई ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी संकुल में ई-अटेंडेंस के नियमों का उल्लंघन पाकर भी प्राचार्यों पर निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई, तो इसके लिए संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी और संभागीय संयुक्त संचालक को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। ऐसे में उनके खिलाफ भी विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

संकुल प्राचार्यों की बढ़ी धड़कनें

आदेश के बाद ग्वालियर अंचल के शासकीय हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के संकुल प्राचार्यों में हड़कंप मच गया है। ग्वालियर जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के संकुलों के प्रभारियों ने अपने अंतर्गत आने वाले सभी प्राथमिक, माध्यमिक और हाई स्कूलों के प्राचार्यों व शिक्षकों को हर दिन समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के कड़े निर्देश देने शुरू कर दिए हैं।

प्राचार्यों का कहना है कि वे अब हर महीने वेतन देयक पास करने से पहले शिक्षकों की ई-अटेंडेंस रिपोर्ट की कड़ाई से जांच करेंगे, ताकि किसी भी तकनीकी या मानवीय लापरवाही के कारण उनकी कुर्सी खतरे में न पड़े।

यह भी पढ़ें- MP Promotion in Reservation: हाई कोर्ट में 7 जुलाई को दोबारा होगी सुनवाई, लाखों सरकारी कर्मचारियों की टिकी नजरें

ई-अटेंडेंस को लेकर डीपीआई काफी सख्त है। अब शिक्षक ही नहीं, संकुल प्राचार्य व अन्य अफसर भी कार्रवाई के जद में आ रहे हैं। संकुल प्राचार्यों को अलर्ट जारी किया है। साथ ही लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। क्योंकि उनके लॉगिन में ई-अटेंडेंस देखने की सुविधा दी गई है। - हरिओम चतुर्वेदी, संयुक्त संचालक