• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • ग्वालियर

ग्वालियर को कब मिलेगी ट्रैफिक जाम से मुक्ति ? बिना प्लानिंग लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल, अब चौराहों पर पड़े हैं बंद

शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के नाम पर अलग-अलग चौराहों और तिराहों पर बिना किसी प्लानिंग ट्रैफिक सिग्नल लगा दिए गए।

By Digital DeskEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 01:03:53 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 01:06:46 PM (IST)
ग्वालियर को कब मिलेगी ट्रैफिक जाम से मुक्ति ? बिना प्लानिंग लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल, अब चौराहों पर पड़े हैं बंद
तिराहों-चौराहों पर बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नल, नईदुनिया

HighLights

  1. बिना प्लानिंग लगा दिए ट्रैफिक सिग्नल
  2. अब चौराहों और तिराहों पर पड़े हैं बंद
  3. बंद पड़े सिग्नलों की जिम्मेदारी किसकी ?

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के नाम पर अलग-अलग चौराहों और तिराहों पर बिना किसी प्लानिंग ट्रैफिक सिग्नल लगा दिए गए। उम्मीद थी कि इनसे वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित होगी।

चौराहों पर लगने वाला जाम कम होगा, लेकिन कई जगह सिग्नल लगाने से पहले यातायात का दबाव, सड़क की चौड़ाई, वाहनों की दिशा और चौराहे की वास्तविक जरूरत जैसी बुनियादी बातों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

नतीजा यह हुआ कि कुछ सिग्नल ज्यादा दिन चल ही नहीं सके, इन्हें बंद करना पड़ा। सिग्नल बंद होने के बाद भी उनका ढांचा नहीं हटाया गया। आज भी शहर के कई हिस्सों में चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल के खंभे और लाइटें खड़ी हैं।

यह भी पढ़ें- ग्वालियर में मानसून की शुरुआत धीमी तो क्या? किसानों के लिए वरदान साबित होगी बारिश, खरीफ की फसल करेगी मालामाल

बिना प्लानिंग लगाए गए सिग्नल

राहगीरों के लिए ये अब यातायात सुविधा नहीं, बल्कि शहर की पुरानी और अधूरी ट्रैफिक प्लानिंग की निशानी बन चुके हैं। दरअसल, शहर में ट्रैफिक सिग्नल लगाने का उद्देश्य चौराहों पर यातायात को नियंत्रित करना होता है, लेकिन इसके लिए प्रत्येक स्थान की अलग-अलग ट्रैफिक स्टडी जरूरी होती है।


किस दिशा से कितने वाहन आते हैं, व्यस्त समय में कितना दबाव रहता है, पैदल यात्रियों की संख्या कितनी है और सिग्नल लगाने के बाद वाहनों के आवागमन पर क्या असर पड़ेगा, ऐसे सभी पहलुओं का आकलन किया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें- ग्वालियर में अवैध बसाहट के लिए सरकारी जमीन की प्लाटिंग! नाले पर कब्जा कर प्लाटों की बुकिंग, इंफ्रा खड़ा करने का प्रयास

बंद सिग्नलों की जिम्मेदारी किसकी ?

ग्वालियर में कई पुराने सिग्नलों को देखकर सवाल उठता है कि क्या इन स्थानों पर सिग्नल लगाने से पहले ऐसी कोई विस्तृत ट्रैफिक प्लानिंग की गई थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि वर्षों से बंद पड़े इन सिग्नलों को लेकर जिम्मेदारी किसकी है।

यदि किसी स्थान पर सिग्नल यातायात के लिए अनुपयोगी साबित हो चुका है तो उसका ढांचा हटाकर स्थान को व्यवस्थित किया जाना चाहिए। इसके उलट शहर में कई जगह पुराने खंभे और उपकरण आज भी उसी तरह खड़े हैं।

यह भी पढ़ें- ग्वालियर: कोर्ट केसों के फेर में उलझा अटल कुंज टावर प्रोजेक्ट, टेंडर अनियमितताओं को लेकर कोर्ट में विचाराधीन मामला