सिंधिया राजपरिवार संपत्ति विवाद: प्रतिमा राना के आज होंगे बयान, समझौते में धोखाधड़ी के आरोप साबित करने की चुनौती
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की दिवंगत बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा राना ने अदालत में आवेदन देकर समझौता प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी।
Publish Date: Thu, 29 Oct 2026 09:40:17 AM (IST)Updated Date: Thu, 29 Oct 2026 09:40:44 AM (IST)
HighLights
- 41 हजार करोड़ की संपत्ति का विवाद
- राजीनामे में धोखाधड़ी का आरोप
- कोर्ट में पेश करने होंगे सबूत
डिजिटल टीम, ग्वालियर। सिंधिया राजपरिवार की करीब 41 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद अब समझौते पर हस्ताक्षर की वैधता पर केंद्रित हो गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायालय में गुरुवार, 29 अक्टूबर को मामले की सुनवाई होगी।
धोखाधड़ी से हस्ताक्षर कराने का लगाया गंभीर आरोप
इसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की दिवंगत बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा राना के बयान दर्ज किए जाएंगे। प्रतिमा ने आरोप लगाया है कि उनसे धोखाधड़ी कर समझौता प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराए गए थे। अब उन्हें अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य भी पेश करने होंगे।
प्रतिमा राना ने अदालत में आवेदन देकर समझौता प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी। उनका आरोप है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और उषा राजे ने धोखाधड़ी से हस्ताक्षर कराए। अदालत ने उनके आवेदन को स्वीकार करते हुए पक्ष रखने का अवसर दिया है। इससे पहले 14 अक्टूबर को हुई सुनवाई में भी प्रतिमा के साक्ष्य दर्ज कराने के मुद्दे पर विचार किया गया था।
पहले एकपक्षीय घोषित, अब समझौते पर आपत्ति
पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और उषा राजे ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ सिविल वाद दायर किया था। लंबे समय तक चले विवाद के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से राजीनामा तैयार कर अदालत में पेश किया। हालांकि, इस समझौते पर अब आपत्तियां सामने आने लगी हैं।
मूल वाद में दिवंगत पद्मावती राजे की बेटियों कनिका देवी सिंह और प्रतिमा राना को भी पक्षकार बनाया गया था। सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं होने पर अदालत ने उन्हें एकपक्षीय घोषित कर दिया था। अब प्रतिमा ने दोबारा कार्यवाही में शामिल होने और संपत्ति में अपना हक सुनिश्चित करने के लिए आवेदन दिया है।
बेटियों की हिस्सेदारी पर भी सवाल
पद्मावती राजे की संपत्ति में हिस्सेदारी के आधार पर उनकी बेटियों के अधिकार का मुद्दा भी विवाद का अहम पहलू बन गया है। प्रतिमा की आपत्ति और उनके साक्ष्यों के बाद अदालत में पेश राजीनामे की वैधानिकता पर आगे की कार्यवाही की दिशा तय हो सकती है। गुरुवार को होने वाले बयान इस मामले में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।