
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: शीतला माता मंदिर पर हुए हादसे को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। यहां 17-18 अक्टूबर की दरमियानी रात चीनोर की तरफ से ट्रक मंदिर तक कैसे पहुंच गया और उसे रास्ते में क्यों नहीं रोका गया, इस गंभीर सवाल को लेकर उच्च स्तरीय जांच की जा रही है। इसके दायरे में मेला ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और जवानों का पूरा चार्ट रखा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसकी किस स्तर पर लापरवाही रही।
मेले के लिए जारी आधिकारिक ड्यूटी चार्ट के अनुसार, 11 से 19 अक्टूबर तक चलने वाले इस मेले में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की संभावना थी। इसे देखते हुए सप्तमी, अष्टमी और नवमी के विशेष अवसरों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और मंदिर पर तीन पालियों में पुलिस बल की मौजूदगी अनिवार्य की गई थी।
प्रथम पाली: यातायात थाने के एएसआइ व आरोन थाने के आरक्षक।
द्वितीय पाली: यातायात थाने के एएसआइ व भंवरपुरा थाने के आरक्षक।
समग्र पर्यवेक्षण: एएसपी शिवेष सिंह बघेल सम्पूर्ण व्यवस्था के पर्यवेक्षणकर्ता अधिकारी थे।
प्रभारी अधिकारी: एसडीओपी घाटीगांव, शैलेन्द्र शर्मा।
सहयोगी अधिकारी: भितरवार थाना टीआइ दीपेन्द्र सिंह कुशवाह और पुलिस लाइन के निरीक्षक शिवकुमार शर्मा।
मार्ग सुरक्षा (डबरा-चीनोर रोड से मंदिर का मुख्य द्वार): जनकगंज थाने के एएसआइ भूपेन्द्र कटारे सहित अन्य पुलिसकर्मी।
प्रभारी अधिकारी: एसडीओपी भितरवार, गगन हनवत।
सहयोगी अधिकारी: तत्कालीन आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा और पुलिस लाइन के टीआइ देवेन्द्र मिश्रा।
मार्ग सुरक्षा: माधौगंज थाने के एएसआइ गौतम सेन।
प्रभारी अधिकारी: तिघरा थाना प्रभारी, शिवराम कंसाना।
मार्ग सुरक्षा: जनकगंज थाने के एक हवलदार और तीन पुलिसकर्मी।
भीड़भाड़ वाले इस मेले में ट्रैफिक नियंत्रण और पार्किंग के लिए भी विशेष बल तैनात किया गया था।
पर्यवेक्षण अधिकारी: यातायात डीएसपी अजीत सिंह चौहान (यातायात और पार्किंग व्यवस्था के प्रभारी)।
मेला यातायात व्यवस्था (बस स्टैंड और चीनोर पार्किंग): कंपू यातायात थाना टीआइ अखिल नागर।
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