एंबुलेंस नहीं मिली तो बेटी का शव गोद में लेकर निकला पिता, राहगीरों ने चंदा करके ऑटो से पहुंचाया घर
Gwalior Murar Hospital News: बड़ागांव निवासी अवतार शर्मा की 16 वर्षीय बेटी मेघा शर्मा पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थी।
Publish Date: Fri, 14 Aug 2026 12:23:20 PM (IST)Updated Date: Fri, 14 Aug 2026 12:25:59 PM (IST)
बेटी के शव को गोद में रखकर विलाप करता पिता। सोशल मीडियाHighLights
- जिला अस्पताल मुरार में सामने आई संवेदनहीनता
- राहगीरों ने चंदा कर ऑटो से घर भिजवाया शव
- सीएमएचओ ने दिए जांच के आदेश
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जिला अस्पताल मुरार में गुरुवार को एक ऐसी घटना सामने आई जिसने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। 16 वर्षीय किशोरी की मौत के बाद उसके स्वजन को एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पिता को अपनी बेटी का शव गोद में उठाकर अस्पताल के गेट तक आना पड़ा। यह मार्मिक दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। बाद में राहगीरों और स्थानीय लोगों ने चंदा जुटाकर एक ऑटो की व्यवस्था की, जिसके जरिए शव को घर पहुंचाया गया।
आईसीयू में भर्ती के आधे घंटे बाद मेघा ने तोड़ा दम
जानकारी के अनुसार बड़ागांव निवासी अवतार शर्मा की 16 वर्षीय बेटी मेघा शर्मा पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थी। गुरुवार सुबह उसकी हालत बिगड़ने पर स्वजन उसे जिला अस्पताल मुरार लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने मेघा को आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया, लेकिन करीब आधे घंटे बाद ही उसे मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पीड़ित परिवार को अस्पताल से नहीं मिली मदद
स्वजन के सामने इसके बाद शव को घर ले जाने की समस्या खड़ी हो गई। अवतार शर्मा के पास वाहन किराए पर करने के लिए पैसे नहीं थे। आरोप है कि अस्पताल से भी उन्हें कोई मदद नहीं मिली। मजबूरी में वह बेटी का शव गोद में लेकर अस्पताल के बाहर आ गए और गेट पर बैठकर विलाप करने लगे। यह दृश्य देखकर अस्पताल आने-जाने वाले लोगों ने मदद का हाथ बढ़ाया। लोगों ने आपस में पैसे एकत्र किए और एक आटो किराए पर कर शव को घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की।
मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एमएस सागर ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि स्वजन को एंबुलेंस की सुविधा क्यों नहीं मिल सकी।