
नईदुनिया प्रतिनिधि, हरदा। भ्रष्टाचार के एक मामले में ग्राम पंचायत कालधड़ के पूर्व सचिव, वर्तमान सचिव, सरपंच और सहायक सचिव के विरुद्ध मंगलवार को जिला न्यायालय ने निर्णय देते हुए 10-10 वर्ष की सजा सुनाई है। चारों को जेल भेज दिया गया है। मामला भ्रष्टाचार से जुडा है, जहां उक्त आरोपितों ने खिरकिया विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत कालधड़ के मृत व्यक्तियों और गांव से पलायन कर चुके लोगों के नाम पर लाखों रुपये हड़प लिए।
इस मामले की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच में भ्रष्टाचार की परतें खुली चली गई। इस दौरान पता चला कि ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान, मनरेगा सहित अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार कर राशि निकाल ली गई।
शासकीय अधिवक्ता विपिन सोनकर ने बताया कि ग्राम पंचायत कालधड़ के पूर्व सचिव हरिहर शर्मा, वर्तमान सचिव स्वाति सोनी, सहायक सचिव प्रतिभा सातनकर एवं वर्तमान सरपंच रामवती बाई को ग्राम पंचायत में किए गए भ्रष्टाचार में दोषी पाया गया है। विशेष न्यायाधीश जयदीप सिंह ने सभी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। इन पर आरोप था कि इन्होंने योजनाओं में मृत व्यक्तियों के नाम पर पैसे निकाल कर भारी फर्जीवाड़ा किया और शासकीय राशि का गबन किया। इस पूरे मामले की शिकायत सुजीत कीर द्वारा 15 जुलाई 2017 को खिरकिया जनपद पंचायत के सीईओ को लिखित रूप में की गई थी।
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शिकायत में बताया गया था कि जनवरी 2015 से जुलाई 2017 के बीच योजनाबद्ध तरीके से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया। शिकायत के आधार पर जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए और प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता विपिन सोनकर ने पैरवी की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सेशन कोर्ट ने चारों को दोषी मानते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।