दूल्हे ने पेश की मिसाल, दहेज में मिला पांच लाख का चेक लौटाया, बदले में गीता-रामायण और जम्भपुराण लिया
वर्तमान समय में जहां दहेज के लिए बेटियों की हत्या तक कर दी जाती है, ऐसे समय में राजस्थान के जोधपुर निवासी एक दूल्हे ने दहेज को समाज और मानव जाति के लि ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 03 Apr 2026 10:32:17 AM (IST)Updated Date: Fri, 03 Apr 2026 10:33:34 AM (IST)
दूल्हे ने दहेज में मिला पांच लाख का चेक लौटायाHighLights
- विश्नोई समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में राजस्थान के दूल्हे ने पेश की मिसाल
- दूल्हे ने दहेज में मिला पांच लाख का चेक लौटाया, दहेज को अभिशाप बताया
- सम्मेलन में मप्र, राजस्थान सहित देशभर में रहने वाले विश्नोई समाज के हजारों लोग जुटे
नवदुनिया प्रतिनिधि, हरदा। वर्तमान समय में जहां दहेज के लिए बेटियों की हत्या तक कर दी जाती है, ऐसे समय में राजस्थान के जोधपुर निवासी एक दूल्हे ने दहेज को समाज और मानव जाति के लिए अभिशाप बताते हुए 5 लाख रुपये का चेक लौटा दिया। बदले में दुल्हन के पिता से गीता, रामायण और जम्भपुराण का अनमोल उपहार मांग लिया। बेटी के परिवार ने अपने आप को गौरवांवित महसूस करते हुए सहर्ष दुल्हे को धार्मिक ग्रंथ उपहार में दिए।
इस अनमोल पल के साक्षी न केवल दूल्हे और दुल्हन के स्वजन बने बल्कि समाज के लोग भी बने। जिले के नीमागांव स्थित श्रीगुरु जम्भेश्वर मंदिर में 30 मार्च को विश्नोई समाज का 35वां सामूहिक विवाह सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में मप्र, राजस्थान सहित देशभर में रहने वाले विश्नोई समाज के हजारों लोग जुटे।
राजस्थान के जोधपुर निवासी हर्षद पिता भेराराम भादू का विवाह नीमगांव निवासी ब्रजेश पिता रामफूल झूरिया की बेटी शीतल झूरिया के साथ सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुआ। हर्षद राजस्थान हाईकोर्ट में वकील हैं तो शीतल ने भी उच्च शिक्षा ग्रहण की है। सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी संपन्न होने के बाद बेटी शीतल को घर से विदा करने के दौरान पिता और स्वजन ने दूल्हे हर्षद को 5 लाख रुपये राशि का चेक दिया।
हर्षद भादू ने चेक लेने से साफ मना कर दिया। बदले में धार्मिक ग्रंथ देने की बात कही। दुल्हन के पिता और परिवार के लोगों ने दुल्हे को चेक देने के लिए काफी प्रयास किए तथा समझाइश दी, लेकिन हर्षद अपनी बात पर अडिग रहे। इसके बाद दुल्हन के परिवार और समाज के लोगों ने दूल्हे को धार्मिक ग्रंथ दिए।