
नवदुनिया प्रतिनिधि, हरदा। छीपाबड़ थाना क्षेत्र के ग्राम भागपुरा की आदिवासी महिला क्षिपा बाई ने पुलिस पर केसीसी की राशि 1 लाख 70 हजार रुपये चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने और इसकी सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने पर जबरदस्ती मोबाइल छीनकर शिकायत बंद कराने के आरोप लगाए हैं।
इसे लेकर गुरुवार को आदिवासी महिला ने पुलिस अधीक्षक शशांक को शिकायती आवेदन दिया है। महिला ने आवेदन में बताया कि 22 जनवरी 2025 को उसके घर से बैंक से निकाले गए केसीसी के 1 लाख 70 हजार चोरी हो गए। लेकिन घटना के डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने न तो एफआइआर दर्ज की और न ही किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई की।
आवेदिका के अनुसार घटना के समय गांव के ही रामजीवन और चिंतामणी पर संदेह भी जताया था। इसमें दोनों पर 1 लाख 70 हजार रुपये चोरी करने की आशंका जताई थी। महिला ने आरोप लगाया कि उसने तत्काल छिपाबड़ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची। लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उसे अपमानित कर थाने से भगा दिया।
महिला का कहना है कि जब स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो उसने सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद थाना छीपाबड़ में पदस्थ एएसआई राजेंद्र मीणा ने उसका मोबाइल छीनकर 181 की शिकायत जबरन बंद करवा दी गई।
इस संबंध में छीपाबड़ थाना क्षेत्र के एएसआइ राजेंद्र मीणा ने कहा कि महिला के आरोप निराधार है। महिला ने चोरी का आरोप लगाया है वे उनके रिश्तेदार ही है। एक दूसरे पर चोरी के आरोप लगाते रहते हैं। तत्कालीन थाना प्रभारी मुकेश गौड़ के समक्ष दोनों पक्षों को एक साथ बैठा दिया था। शिकायत बंद कराने मेरे द्वारा ऐसा व्यवहार नहीं किया गया। वरिष्ठ अधिकारी के प्रतिवेदन पर सीएम हेल्पलाइन की शिकायत दर्ज की गई।