18 साल की दुल्हन और 13 साल का दूल्हा, प्रशासन ने रुकवाई शादी, इंदौर में बाल विवाह का अजीब मामला
इंदौर में बाल विवाह रोकने के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार कार्रवाई कर रही हैं। शनिवार को नाबालिग के विवाह का अजीब मामला सामने आया। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 18 Apr 2026 10:20:15 PM (IST)Updated Date: Sat, 18 Apr 2026 10:20:15 PM (IST)
इंदौर के संजय नगर में प्रशासन ने रुकवाया विवाह। (सांकेतिक तस्वीर)HighLights
- 18 साल की दुल्हन और सिर्फ 13 साल का दूल्हा
- समझाइश के बाद दूल्हा-दुल्हन के परिजन माने
- इंदौर के संजय नगर में प्रशासन ने रुकवाया विवाह
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर में बाल विवाह रोकने के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार कार्रवाई कर रही हैं। शनिवार को नाबालिग के विवाह का अजीब मामला सामने आया। जांच करने पहुंची टीम यह देखकर चौंक गई कि दुल्हन तो बालिग है, लेकिन दूल्हा महज 13 साल का है। नाबालिग दूल्हे का पांच साल बड़ी दुल्हन से विवाह होने जा रहा था। परिजन लड़की की उम्र 21 बता रहे थे, लेकिन उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच में सच्चाई सामने आई। समझाइश के बाद परिजनों ने विवाह निरस्त करने का निर्णय लिया।
चाइल्ड हेल्पलाइन की सूचना पर राऊ में प्रशासनिक कार्रवाई
यह मामला राऊ थाना क्षेत्र के संजय नगर का है, जहां 19 अप्रैल को विवाह की तैयारी गुपचुप तरीके से चल रही थी। चाइल्ड हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने के बाद एसडीएम गोपाल वर्मा के निर्देशन में टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
बाल विवाह विरोधी उड़नदस्ता और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने वर-वधू के दस्तावेजों की जांच की। इसमें दुल्हन की उम्र 18 वर्ष पूरी होना सामने आया, जबकि दूल्हा मात्र 13 वर्ष का निकला। उड़नदस्ता के सदस्य महेंद्र पाठक ने बताया कि शुरुआत में परिजन शादी से इनकार करते रहे, लेकिन मौके पर मौजूद तैयारी ने सच्चाई उजागर कर दी।
भविष्य के लिए सरकारी योजना का आश्वासन
इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देकर संभावित सजा के बारे में बताया। समझाइश के बाद परिवार ने स्पष्ट किया कि वे बच्चों की पूरी उम्र होने तक विवाह नहीं करेंगे।
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अधिकारियों ने बताया कि जिन बालक-बालिकाओं के विवाह कम उम्र के कारण रुकवाए गए हैं, उनके बालिग होने पर परिवार की सहमति से कन्यादान योजना के तहत विवाह कराया जाएगा, जिससे परिवार को आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिंह ने बताया कि जिले में चल रहे जागरूकता अभियान के चलते शिकायतों में तेजी आई है और हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।