
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। 'द केरला स्टोरी' की तरह देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां तक्षशिला परिसर के अध्ययनशाला में पढ़ने वाली छात्रा अपनी हॉस्टल रूममेट्स को बॉयफ्रेंड बनाने और डेटिंग ऐप पर बॉयफ्रेंड ढूंढने में मदद करने के बारे में कहती थी। इतना ही नहीं रूममेट के सामने ही छात्रा कमरे में अपने बॉयफ्रेंड से वीडियो कॉल पर बात करते हुए आपत्तिजनक हरकतें करती थी।
उस दौरान उस पर आपत्तिजनक वस्तुओं का भी खुलेआम इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। पश्चिम बंगाल की रहने वाली मुस्लिम छात्रा के खिलाफ जांच में समिति ने रिपोर्ट में इन हरकतों का भी जिक्र किया है। फिलहाल विश्वविद्यालय ने हॉस्टल से बाहर करने का फैसला लिया है, लेकिन विभाग से बाहर नहीं किया जाएगा। इस बारे में विश्वविद्यालय ने अभी साफ इनकार कर दिया है।
यह मामला विश्वविद्यालय के सामने सप्ताहभर पहले आया है। जहां छात्रा के साथ रहने वाली एक रूममेट ने हॉस्टल वार्डन डॉ. अर्पिता लाखरे को शिकायत की। छात्रा पर गंभीर आरोप लगाया और कहा कि रूममेट के सामने ही वह रोज रात को वीडियो कॉल पर बॉयफ्रेंड से बात करती थी। उस दौरान वह आपत्तिजनक हरकतें करती थी। इसका कई बार विरोध किया, लेकिन वह उल्टा उन्हें बॉयफ्रेंड बनाने के लिए दबाव बनाती थी। कहती थी- बायफ्रेंड बनाकर लाइफ एंजाय करो। रूममेट उसकी इन हरकतों से काफी घबरा गई और कमरा छोड़ दिया।
शिकायत मिलने के बाद वार्डन ने कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई और रजिस्ट्रार प्रज्वल खरे को जानकारी दी। छात्राओं की गलत हरकतों को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय ने चार सदस्यीय समिति बनाई, जिसमें डॉ. अर्चना रांका, डॉ. सुधिरा चंदेल, डॉ. निशा सिद्दीकी, वार्डन डॉ. अर्पिता लाखरे और डॉ. पूजा जैन को रखा। तीन दिनों तक सदस्यों ने अलग-अलग छात्राओं से चर्चा की। उन्होंने समिति को बताया कि डेटिंग ऐप पर भी बॉयफ्रेंड ढूंढने के लिए प्लानिंग करवाती थी। यहां तक कि नियमित सिगरेट भी पीती थी। जांच के दौरान समिति सदस्यों ने कमरे की जांच की तो आपत्तिजनक वस्तुएं, सिगरेट और मोबाइल में वीडियो भी देखे। हालांकि मोबाइल छोड़कर बाकी वस्तुएं जब्त की गई।
डाटा साइंस विभाग में पढ़ने वाली छात्रा ने सीयूईटी के माध्यम से पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स में प्रवेश लिया। प्रथम वर्ष की छात्रा पश्चिम बंगाल के कोलकाता की रहने वाली है। यहां कमला नेहरू हॉस्टल में रहती है। खास बात यह है कि प्रवेश के दौरान छात्रा ने लोकल गार्जियन यानी स्थानीय अभिभावक के बारे में फॉर्म में जानकारी नहीं दी है। इसके चलते छात्रा की इन गतिविधियों के बारे में पिता से चर्चा हुई है, जो दो से तीन दिन में विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मिलेंगे।
जांच के दौरान समिति ने दस लड़कियों के बयान दर्ज किए। बाद में छात्रा से भी पूछताछ की गई, लेकिन वह बार-बार उसके कमरे से जब्त सामान मांगती रही। सदस्यों के सवालों के जवाब भी छात्रा ने बेधड़क दिए। वह बॉयफ्रेंड बनाने की बात से इनकार करती रही। फिलहाल समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है। कुलसचिव प्रज्वल खरे का कहना है कि अभी रिपोर्ट के आधार पर हॉस्टल से छात्रा को निष्कासित कर दिया है, लेकिन विभाग से छात्रा को बाहर नहीं किया है। कारण यह है कि वह प्रवेश परीक्षा देकर आई है।
रूम मेट की शिकायत पर छात्रा के खिलाफ जांच की गई। समिति की रिपोर्ट पर छात्रा को हॉस्टल के बाहर करेंगे। अभी विभाग से निष्कासित करने को लेकर कोई फैसला नहीं किया है, क्योंकि छात्रा को पढ़ाने से वंचित नहीं किया जा सकता है।- डॉ. राकेश सिंघई, कुलगुरु, डीएवीवी