इंदौर के भवानी नगर में हादसा, मकान तोड़ने के दौरान छत और पिलर गिरे, दो मजदूर दबे
रहवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध निर्माण किए हुए है, जिसके चलते मजदूरों को मलबे से निकालने के लिए क्रेन भी मौके पर नहीं पहुंच ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 09 Mar 2026 11:21:39 PM (IST)Updated Date: Mon, 09 Mar 2026 11:30:22 PM (IST)
बाणगंगा में इस जगह हो गया हादसा।HighLights
- दो घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन, पुलिस, रहवासी और निगम ने निकाला बाहर
- दीवार के नीचे दबे मजदूर को ट्रक, कार के जेक की मदद से निकाला बाहर
- दोनों घायल अभी अस्पताल में भर्ती है, जिनका वहां पर उपचार चल रहा है।
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। बाणगंगा थाना क्षेत्र के भवानी नगर में सोमवार को मकान तोड़ने के दौरान हादसा हो गया। मजदूर मकान तोड़ रहे थे, तभी छत और पिलर गिर गए। जिसके कारण मजदूर मलबे में दब गए। एक मजदूर पिलर के नीचे दब गया। जिसे ट्रक, कार के जेक की मदद से बाहर निकाला गया।
दो घंटे रेस्क्यू के बाद दोनों को बाहर निकाला जा सका। दोनों घायल अभी अस्पताल में भर्ती है, जिनका उपचार चल रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय रहवासी मौके पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक मकान मनीष जैन का है, सड़क निर्माण के चलते मकान नीचे हो गया था। इसके कारण जलजमाव की समस्या हो रही थी।
इसलिए जैक लगाकर उसे ऊपर उठाने का ठेका सुरेंद्र सिसोदिया को दिया था। इसके चलते मकान तोड़ने का कार्य सतीश ठाकरे और सोनू ठाकरे निवासी पिपलिया (देवास) सहित तीन अन्य लोग द्वारा किया जा रहा था। तभी छत और पिलर अचानक नीचे गिर गए। जिससे दोनों भाई मलबे में दब गए।
सोनू को 15 मिनिट में निकाल लिया था। लेकिन सतीश दीवार के नीचे दब गया था। क्रेन नहीं पहुंच पा रही थी। इसलिए जेक से बाहर निकाला। यदि सुरक्षा की उपाय का ध्यान नहीं रखा गया होगा तो कार्रवाई की जाएगी।
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जेक की मदद से उठाई दीवार, कटर से काटे सरिए
प्रत्यक्षदर्शी विकास ने बताया कि हमारे पास फोन आया कि स्लैब गिर गई है। इसपर धीरे-धीरे 50-60 लोग एकत्रित हुए। एक मजदूर को तो बाहर निकाल लिया था, लेकिन दूसरा दीवार के नीचे फंस गया था।
दीवार उठाने की कोशिश की, लेकिन नहीं उठा पाए। इसके बाद गैरेज से जेक लेकर आए और एक तरफ से दीवार को उठाया। इसपर घायल ने सांस ली और बताया कि पैर दबा हुआ है।
इसके बाद दो जेक और लेकर आए, दूसरी तरफ से दीवार को उठाया। लेकिन मजदूर सरिए में भी फंसा हुआ था। इसपर कटर से उसको काटा और फिर बाहर निकाला।
मजदूर को बाहर निकालने में करीब दो घंटे का समय लग गया। थाना प्रभारी ने बताया कि सूचना पर पुलिस पहुंची पहले सोनू ठाकरे को बाहर निकाला और फिर सतीश ठाकरे को बाहर निकाला।
अवैध निर्माण के चलते नहीं पहुंची क्रेन
रहवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध निर्माण किए हुए हैं, जिसके चलते मजदूरों को मलबे से निकालने के लिए क्रेन भी मौके पर नहीं पहुंच सकी। यहां आपात स्थिति में एंबुलेंस, फायर बिग्रेड जैसे वाहन भी नहीं पहुंच पाते हैं।