
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के चार मंजिला कमर्शियल इमारतों पर जहां अधिक भीड़ रहती है, वहां अनिवार्य रूप से फायर सेफ्टी सिस्टम, उपकरण की उपलब्धता हो और निर्धारित समय पर व आगजनी बचाव संबंधित मॉक ड्रिल हो। इस संबंध में प्रशासन द्वारा आम सूचना जारी होने के बाद 15 दिन की अवधि अब खत्म हो रही है।
ऐसे में प्रशासन द्वारा अब मैदानी स्तर पर जांच की जाएगी और उसमें कमी मिलने पर इमारत को सील किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर बिल्डिंग बायलॉज के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश कलेक्टर शिवम वर्मा ने सोमवार को समय सीमा (टीएल) बैठक में दिए।

बैठक में फायर सेफ्टी, ट्रैफिक प्रबंधन, बेसमेंट पार्किंग और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए सख्त निर्देश जारी किए गए। वहीं प्रशासन द्वारा लगातार शहर के अलग-अलग इमारतों का निरीक्षण, नोटिस और फायर ड्रिल करवाई जा रही है, ताकि आपदा की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। वहीं आयुष्मान भारत योजना के तहत मानकों का पालन नहीं करने पर जिला प्रशासन द्वारा शहर के 30 अस्पतालों को पैनल से बाहर किया गया है।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि सभी अस्पतालों को निर्धारित मापदंडों का पालन करना अनिवार्य है। अब अस्पतालों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। फायर सेफ्टी हो, राजस्व कार्य या शिक्षा व्यवस्था के क्षेत्र में जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पाए जाने पर निगम इंजीनियर सहित नगर पालिका अधिकारी पर अर्थदंड लगाया गया। सोमवार को कलेक्टर शिवम वर्मा ने बैठक में एक अभिनव पहल करते हुए आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं समाधानपरक निराकरण के लिए आवेदकों को सीधे बुलाकर समक्ष में सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के तहत लंबित पांच प्रकरणों के आवेदकों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
बैठक में उक्त प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर नगर निगम के अधिकारी वसीम खान पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। इसी प्रकार सब इंजीनियर सिद्धार्थ बरावलिया पर 5 हजार रुपए तथा देपालपुर-बेटमा की मुख्य नगर पालिका अधिकारी रंजना गोयल पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया।
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इसके अतिरिक्त एक अन्य मामले में नगर निगम के अधिकारी मोहित पवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसी तरह हातोद क्षेत्र के एक सीमांकन मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। अपर कलेक्टर नवजीवन पवार को जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
शैक्षणिक संस्थान व छात्रावास में पीएनजी कनेक्शन, शहर जिन बड़े स्कूलों, छात्रावासों और अस्पतालों में पीएनजी कनेक्शन नहीं उन्हें कनेक्शन लेना होगा। व शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद अब आरटीओ द्वारा स्कूल बसों की फिटनेस और ड्राइवर की योग्यता जांच भी शुरू की जाएगी। राजस्व विभाग का पोर्टल बंद रहने के कारण अब राजस्व अभियान 11 अप्रैल तक चलाया जाएगा। बैठक में बताया गया कि अभियान के अंतर्गत लंबित राजस्व प्रकरणों का तेजी से निराकरण सुनिश्चित किया गया है फलस्वरूप लंबित प्रकरणों में कमी आई है।