
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: AI का गलत उपयोग कर ठगों द्वारा लोगों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। घर से नाराज होकर घूमने गए बच्चे का ठगों ने AI की मदद से बच्चे के अपहरण का वीडियो बनाया और माता-पिता से एक लाख रुपये की ठगी कर ली। 10वीं में पढ़ने वाला छात्र जब घर लौटा तो उसने बताया कि वह श्रीनाथजी दर्शन के लिए गया था। उसका अपहरण नहीं हुआ था। मामले में स्वजन ने पहले MIG थाने में शिकायत की। फिर क्राइम ब्रांच पहुंचे।
मां पूजा प्रजापति ने बताया कि एक फरवरी को 16 वर्षीय बेटा घर से बिना बताए कहीं चला गया था। इस पर हमने MIG थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई और सोशल मीडिया पर बेटे का फोटो अपलोड किया। इसमें लिखा कि यह लापता हो गया है, साथ ही संपर्क करने के लिए तीन मोबाइल नंबर भी दिए। इसके बाद दो फरवरी को पति के मोबाइल पर ठग का वीडियो कॉल आया। इसमें मुंह पर कपड़ा बांधे एक आरोपित ने ऐसे दिखाया जैसे बेटा सामने बैठा है। बेटे की पीठ पर चाकू से वार करते हुए दिखाया गया। संभवतः डीपफेक के माध्यम से वीडियो बनाकर अपहरण बताकर ठगी का यह पहला मामला है।
इसके बाद आरोपित कहने लगा कि अभी तो बच्चे को इतना ही मारा है, यदि पैसे नहीं दिए तो गर्दन काट देंगे। इसके बाद वह पूछने लगे कि कितनी राशि दे सकते हो। इस पर बताया कि हमारे पास ज्यादा राशि नहीं है। हमने 15-20 हजार देने का बोला, लेकिन वह नहीं माना और 30 हजार रुपये खाते में डलवा लिए। इसके बाद कहा कि एक व्यक्ति बच्चे को लेकर निकल गया है। वह मुझसे भी खतरनाक है, यदि वह इतने में मान जाता है तो ठीक है, नहीं तो और राशि देनी पड़ेगी। हम डरे हुए थे, इसके बाद हमने कहा कि नहीं है। हम व्यवस्था करते हैं।
आरोपित कहने लगा कि आपको पता है कि एक बच्चे की किडनी कितने की होती है। बच्चे की किडनी दो लाख और हृदय तीन लाख रुपये का होता है। हम इतने में बेच देंगे। इसके बाद घबराकर हमने 1.2 लाख रुपये आरोपित द्वारा भेजे क्यूआर कोड में भेजे।
आरोपित ने माता-पिता को डराकर रखा कि जब तक खाते में राशि नहीं आए, फोन मत रखना। नहीं तो हम बच्चे को मार देंगे। इस दौरान करीब 15 मिनट तक माता-पिता को वीडियो काल पर अरेस्ट रखा। पिता के नंबर पर फोन आया था, वह घबराते हुए घर पर पहुंचे। जिस नंबर से वीडियो काल आया था, वह यूके का था। वहीं जिस खाते में राशि जमा हुई वह नंबर भारत का था।
छात्र घर से स्कूल जाने के लिए निकलता था, लेकिन बंक मार देता था। इसे लेकर फटकार लगाई थी। इसके बाद वह शाम को साढ़े चार बजे कोचिंग जाता था, लेकिन घटना वाले दिन वह घर नहीं लौटा। श्रीनाथजी से उसने दोस्त से संपर्क किया और जानकारी दी।16 वर्षीय बच्चे को डांटा तो वह बिना बताए चला गया था। इंटरनेट मीडिया पर उसकी फोटो डाली थी। एक फोन स्वजन के पास आया और बताया कि उसका अपहरण कर लिया है। बच्चा चाहिए तो एक लाख रुपये देने होंगे। अगले दिन बच्चे का फोन आया कि वह श्रीनाथजी गया हुआ था। यह डीपफेक का मामला हो सकता है। शिकायत दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
-राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी, क्राइम ब्रांच