इंदौर के भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त से 54 वर्षीय व्यक्ति की मौत, परिवार वालों ने कहा- दूषित पानी से गई जान
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के चलते मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा। बुधवार को 54 वर्षीय रामनरेश यादव की उल्टी-दस्त के बाद मौत हो गई। ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 26 Feb 2026 05:44:49 AM (IST)Updated Date: Thu, 26 Feb 2026 08:27:40 AM (IST)
भागीरथपुरा में 54 वर्षीय रामनरेश यादव की उल्टी-दस्त के बाद मौत हो गई। मृतक की फाइल फोटोHighLights
- भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला
- 54 वर्षीय रामनरेश यादव की उपचार के दौरान मौत
- दो माह से पेयजल समस्या बरकरार, 36 मौतों का दावा
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को 54 वर्षीय रामनरेश यादव की उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद मौत हो गई। स्वजन ने आरोप लगाया कि दूषित पानी के कारण उनकी जान गई है। हालांकि, प्रशासन ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है।
15 दिन चला इलाज
मृतक की बेटी के अनुसार, उनके पिता के पेट में पानी जमा हो गया था, जिससे लिवर और किडनी फेल हो गए। करीब एक माह पहले भी उन्हें दूषित पानी के कारण दस्त की शिकायत हुई थी। कुछ दिन ठीक रहने के बाद पेट, हाथ और पैरों में सूजन आने लगी।
उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने शरीर में पानी भरने की बात कही। 15 दिन तक इलाज चलने के बाद उनकी मौत हो गई। वे पहले सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत थे और फिलहाल घर पर ही रह रहे थे। परिवार में चार बेटियां और मां हैं।
दो माह से बनी है समस्या
भागीरथपुरा में पिछले दो माह से दूषित पेयजल की समस्या बनी हुई है। क्षेत्र के कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि अन्य मौतें भी इसी कारण हुई हैं।
प्रशासन ने पूर्व में विधानसभा में जानकारी दी थी कि लगभग 20 मौतें दूषित पानी से जुड़ी हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि वास्तविक संख्या अधिक हो सकती है। अब तक क्षेत्र में 36 लोगों की मौत बताई जा रही है। इससे पहले 10 फरवरी को दो वर्षीय बच्ची और 75 वर्षीय बुजुर्ग की भी मौत हुई थी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से रोजाना मरीजों की जानकारी मिलती है। जिस मरीज की मौत की जानकारी सामने आई है, हमारी सूची में उसका नाम नहीं है। मामले की जांच की जा रही है।
-डॉ. माधव हासानी, सीएमएचओ