
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। कांग्रेस के “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम को लेकर राजनीति गरमा रही है। इसमें नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी शामिल होंगे। कार्यक्रम में संस्था पुरुषार्थ ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के पूर्ण सामूहिक गान की मांग उठाई है।
इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष एवं बीजीपी नेता नानूराम कुमावत से जब पत्रकारवार्त में वंदे मातरम् गाकर सुनाने के लिए कहा गया तो वे असहज हो गए और पूरा गीत नहीं गा पाए। इस पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कारण ही लोगो को वंदे मातरम के पूरे 6 छंद याद नहीं है।
इस मौके पर आगे कहा कि मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र भेजकर कार्यक्रम की शुरुआत अथवा समापन पर पूर्ण वंदे मातरम् के सामूहिक गान से कराने का आग्रह किया है। यदि कार्यक्रम वास्तव में गैरराजनीतिक है और विद्यार्थियों से जुड़े विषयों पर केंद्रित है, तो वंदे मातरम् का सामूहिक गान किसी राजनीतिक विचारधारा का विषय नहीं होना चाहिए।
वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन की चेतना और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है। विद्यार्थियों के बीच इसका सामूहिक गान राष्ट्रचेतना को मजबूत करेगा। इसके लिए राहुल गांधी को भी पत्र लिखा जा रहा है। 10 सितंबर तक मांग नहीं मानी गई तो 11 सितंबर को बैठक कर आगे के विरोध की रणनीति तय की जाएगी। उनका कहना है कि राष्ट्र सम्मान को लेकर राजनीति नहीं होना चाहिए। राष्ट्र का सम्मान सबसे ऊपर है। उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम् के पूर्ण गायन से कांग्रेस बचती दिखाई दे रही है। ऐसे में इस कार्यक्रम के जरिये पूर्ण वंदे मातरम् गाकर कांग्रेस ने युवाओं को राष्ट्र चेतना और जागरूकता का संदेश देना चाहिए।
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