भागीरथपुरा कांड: हाईकोर्ट में CBI जांच की मांग, तत्कालीन निगमायुक्त के खिलाफ FIR दर्ज करने की प्रस्तुत हुई जनहित याचिका
भागीरथपुरा कांड की CBI जांच की मांग करते हुए एक जनहित याचिका हाई कोर्ट में प्रस्तुत हुई है। याचिका में मामले में CBI की जांच की मांग और निगमायुक्त के ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 06 Mar 2026 10:02:09 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Mar 2026 10:02:09 PM (IST)
भागीरथपुरा कांड में हाईकोर्ट में CBI जांच की मांग।HighLights
- HC में उठा भागीरथपुरा मौतों का मामला
- पाइप लाइन बदलने में देरी बनी जानलेवा
- सीबीआई जांच के लिए प्रारंभिक तर्क पूरे
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा कांड की सीबीआइ जांच की मांग करते हुए एक जनहित याचिका हाई कोर्ट में प्रस्तुत हुई है। शुक्रवार को इसमें सुनवाई हुई। याचिका में इस पूरे मामले की सीबीआइ जांच और तत्कालीन निगमायुक्त दिलीप यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता पुनीत शर्मा ने यह याचिका एडवोकेट अनिल ओझा के माध्यम से प्रस्तुत की है।
टेंडर में देरी और दूषित पानी से मौतों का आरोप
उन्होंने बताया कि याचिका में कहा है कि भागीरथपुरा कांड में अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन किसी जिम्मेदार के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। याचिका में यह भी कहा है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइप लाइन बदलने के टेंडर कई माह पहले तय हो चुके थे, लेकिन तत्कालीन अधिकारियों ने इन्हें अटकाए रखा। इसके चलते लाइनें बदली नहीं जा सकीं और दूषित पानी लोगों के घरों तक पहुंचता रहा। इसी पानी को पीने से लोग बीमार हुए और उनकी जान गई।
प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल और दिलीप यादव की भूमिका
याचिका में कहा है कि प्रारंभिक रूप से इस पूरे घटनाक्रम के लिए तत्कालीन निगमायुक्त दिलीप यादव जिम्मेदार हैं, लेकिन उनके विरुद्ध अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। शासन ने भागीरथपुरा कांड के बाद यादव के खिलाफ कार्रवाई के बजाय उन्हें पदोन्नत कर दिया।
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हाई कोर्ट में सुनवाई की अगली तारीख
एडवोकेट ओझा ने बताया कि कोर्ट ने शुक्रवार को प्रारंभिक तर्क सुने हैं। कोर्ट अब इस मामले में 16 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में विस्तृत सुनवाई करेगी।