
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के मुख्य अंतरराज्यीय बस अड्डे के रूप में विकसित किए गए नायता मुंडला बस स्टैंड से बसों का संचालन लगातार घटता जा रहा है। नोलखा बस स्टैंड बंद होने के बाद वहां से संचालित होने वाली करीब 80 बसों को नायता मुंडला स्थानांतरित किया गया था। शुरुआती कुछ महीनों तक लगभग 80 बसें नियमित रूप से यहां से संचालित होती रहीं, लेकिन अब इनकी संख्या घटकर करीब 45 रह गई है।
आरटीओ प्रदीप शर्मा का कहना है कि तीन ईमली चौराहा पर कई बार बसों पर कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं लगातार कार्रवाई कर रहे है, जिससे तीन ईमली पर बसों का जमावड़ा नहीं लगे।
नायता मुंडला बस स्टैंड बसों के नहीं पहुंचने का सबसे अधिक खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। कई यात्री अपने निजी वाहन नायता मुंडला बस स्टैंड की पार्किंग में खड़े कर यात्रा पर जाते हैं, लेकिन वापसी में बस तीन ईमली पहुंचने से उन्हें आटो या अन्य साधनों से बस स्टैंड तक पहुंचना पड़ता है। इससे अतिरिक्त समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। बस संचालक सवारियां भरने के लिए कई बार नायता मुंडला बस स्टैंड पहुंचते हैं, लेकिन रात्रि में बसों का अंतिम पड़ाव तीन ईमली ही बना दिया गया है।
नोलखा बस स्टैंड को स्थानांतरित कर दिया गया, लेकिन बसों का संचालन तीन ईमली से शुरू हो गया।इससे चौराहे पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है और जाम की स्थिति बनने लगी है। चौराहा पर पालदा रोड की सड़क पर दोनों तरफ बसों का जमघट लग रहता है।इससे पीछे अन्य वाहनों की कतारे लग जाती है।यातायात विभाग और परिवहन विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है।
नायता मुंडला बस स्टैंड के संचालक राहुल श्रोती का कहना है कि शहर के प्रमुख बस टर्मिनल के रूप में विकसित किया गया है। यहां से एसआईसीटीएसएल की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा की करीब 10 बसें तीन ईमली, राजवाड़ा सहित लक्ष्मीबाई नगर तक संचालित होती हैं, जो रात 10 बजे तक यात्रियों को सुविधा देती हैं।बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध है।