
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर । चोइथराम चौराहे पर शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब राजेंद्र नगर की तरफ से आ रही एक कार अचानक आग की लपटों से घिर गई। कार के अंदर चालक फंसा था और बाहर निकलने के लिए छटपटा रहा था। आग तेजी से फैल रही थी, जबकि कार के सभी दरवाजे लाक थे। चालक ने शीशे पर हाथ-पैर मारकर बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसी दौरान यातायात पुलिस की नजर जलती कार पर पड़ी और जवान जान की परवाह किए बिना उसे बचाने में जुट गए।
पुलिसकर्मियों ने पहले कार के दरवाजे खोलने का प्रयास किया। जब दरवाजे नहीं खुले तो उन्होंने लात मारकर कार का शीशा तोड़ा और अंदर फंसे चालक को बाहर खींच लिया। बाहर आने तक चालक बुरी तरह झुलस चुका था। धुएं के कारण उसकी सांसें उखड़ रही थीं और कुछ ही देर में वह बेहोश हो गया।
ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उसे सड़क पर ही सीपीआर देना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद चालक ने आंखें खोलीं। उसकी हालत इतनी खराब थी कि वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था। उसने पुलिसकर्मियों से सिर्फ इतना कहा- “मुझे बचा लो...मुझे बचा लो।” इसके बाद जवानों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने का इंतजाम किया।
घायल को एंबुलेंस का इंतजार किए बिना एक लोडिंग वाहन में रखा गया। पुलिसकर्मी उसके साथ अस्पताल के लिए रवाना हुए और रास्ते में भी सीपीआर देते रहे। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया। चालक करीब 60 प्रतिशत झुलसा बताया जा रहा है।
घटना शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। उस समय ट्रैफिक थाना जोन-4 के टीआई सुमित बिलोनिया टीम के साथ चोइथराम चौराहे पर यातायात संभाल रहे थे। लपटों में घिरी कार देखी तो एएसआई जेपी तिवारी, प्रधान आरक्षक कामेश्वर, कमल देवल और आरक्षक विजय पाटीदार के साथ बचाव कार्य में जुट गए।
कार के गेट नहीं खुलने पर पुलिसकर्मियों ने शीशा तोड़ा। आग और धुएं के बीच अंदर हाथ डालकर ड्राइवर को बाहर खींचा गया। यदि कुछ और देर होती तो आग के कारण चालक की जान जाने की आशंका थी। ड्राइवर को निकालने के बाद पुलिस ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इस दौरान कार लगातार जलती रही। उसी वक्त नगर निगम का पानी का टैंकर जा रहा था। पुलिसकर्मियों ने उसे रुकवाया और उसकी मदद से आग पर काबू पाया। कुछ देर तक चोइथराम चौराहे पर यातायात भी प्रभावित रहा।
कार ( एमपी 04 सीजी 4029) के चालक की पहचान रुपेश पुत्र दुलीचंद यादव, निवासी गायत्री नगर के रूप में हुई है। वह फोटो कापी की दुकान चलाता है। घटना के समय कार में नकदी भी रखी होने की जानकारी सामने आई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार पुरानी है और आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस कार की तकनीकी जांच भी कराएगी।
टीआई सुमित बिलोनिया ने बताया कि चालक कार के अंदर फंसा था और शीशा तोड़कर उसे बाहर निकाला गया। उसकी हालत गंभीर थी, इसलिए मौके पर सीपीआर दिया गया। बाद में उसे लोडिंग वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया और रास्ते में भी सीपीआर जारी रखा गया।
एक्सपर्ट संदीप चौपड़ा का कहना है कि फोर व्हीलर में अचानक आग लगने के पीछे सबसे बड़ा कारण इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट, ईंधन का रिसाव और इंजन का जरूरत से ज्यादा गर्म होना हो सकता है। पुरानी या क्षतिग्रस्त वायरिंग, ढीले कनेक्शन और आफ्टरमार्केट इलेक्ट्रिकल उपकरण भी आग का खतरा बढ़ाते हैं।
कई बार इंजन के आसपास तेल या ईंधन का रिसाव गर्म हिस्सों के संपर्क में आने से आग पकड़ सकता है। इसलिए वाहन की नियमित जांच और समय पर सर्विसिंग बेहद जरूरी है।
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