
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नाबालिग बेटी का विवाह छिपाकर तो कर दिया गया, लेकिन सोशल मीडिया पर डाले गए शादी के फोटो-वीडियो ने पूरा राज खोल दिया। शिकायत के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने जांच कर नौ लोगों पर प्रकरण दर्ज कराया। जून में परिजनों ने बालिग होने पर ही विवाह करने का आश्वासन दिया था, लेकिन टीम के जाने के बाद चुपचाप विवाह करा दिया गया।
दरअसल 24 जून को ड्रीम वर्ल्ड रिसोर्ट गोमटगिरी में 17 वर्ष पांच माह की बालिका का विवाह किया जा रहा था। मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवाया था। टीम ने 18 वर्ष की उम्र पूरी होने पर विवाह करने का परिजनों से शपथ पत्र भी लिया था।
टीम के लौटने के बाद कहानी बदल गई और शाम को ही नाबालिग की शादी करा दी गई। परिवार को शायद लगा कि मामला दब जाएगा, लेकिन शादी में खींचे गए फोटो और बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करना भारी पड़ गया। इन्हीं पोस्ट ने बाल विवाह का पूरा राज खोल दिया।
बाल विवाह विरोधी उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक ने सोशल मीडिया पर मिले फोटो-वीडियो, फोटोग्राफर की सामग्री और अन्य दस्तावेज जुटाए। स्कूल रिकॉर्ड से बालिका की उम्र भी प्रमाणित हुई।
गांधी नगर थाने में बालिग दूल्हे अभिषेक और वर-वधू के माता-पिता सहित नौ लोगों पर प्रकरण दर्ज कराया गया। विवाह के समय दूल्हा बालिग था और इसमें परिवारजनों की भूमिका भी सामने आई थी। इस बाल विवाह की शिकायत कलेक्टर जनसुनवाई में की गई थी और इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने पूरे मामले की जांच की थी। जांच में सोशल मीडिया अहम कड़ी बना।