कांग्रेस को आत्ममंथन की जरूरत, राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर बोले सीएम डॉ. मोहन यादव
अहिल्या आश्रम विद्यालय में शिक्षक दिवस पर एजुकेशन डायलॉग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षक और अधिकारियों से संवाद किया। कार्यक्रम संपन...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 05 Sep 2026 04:46:55 PM (IST)Updated Date: Sat, 05 Sep 2026 04:52:17 PM (IST)
शिक्षकों और अधिकारियों से संवाद करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव। (नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- एजुकेशन डायलॉग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षक और अधिकारियों से संवाद किया
- मुख्यमंत्री यादव ने बोले कि कांग्रेस के बोलने और करने में बहुत बड़ा अंतर है
- कांग्रेस को गंभीरता से आत्ममंथन करने की जरूरत है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : अहिल्या आश्रम विद्यालय में शिक्षक दिवस पर एजुकेशन डायलॉग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षक और अधिकारियों से संवाद किया।
कार्यक्रम संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'गूंज' कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बोले कि कांग्रेस के बोलने और करने में बहुत बड़ा अंतर है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
भाजपा की जीत को रोकने में सफल नहीं हो पाए हैं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लगातार तीन बार राहुल गांधी और कांग्रेस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की जीत को रोकने में सफल नहीं हो पाए हैं। ऐसे में कांग्रेस को गंभीरता से आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर उसकी रणनीति और नीतियों में कहां कमी रह रही है।
कांग्रेस को अपने अतीत की गलतियों से सीखना चाहिए
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस को अपने अतीत की गलतियों से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में कई लोगों के अवसर प्रभावित हुए और अनेक लोग अवसरों से वंचित रहे। इन सवालों पर कांग्रेस को विचार करना चाहिए।
गलतियां स्वीकार करनी होंगी
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में बदलाव चाहती है तो उसे केवल बयानबाजी तक सीमित न रहकर अपनी गलतियां स्वीकार करनी होंगी और नीतियों व काम के जरिए जनता का विश्वास दोबारा हासिल करना होगा।
शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को इंदौर में शिक्षकों से संवाद किया। कार्यक्रम पोलोग्राउंड स्थित सांदीपनी अहिल्याश्रम स्कूल में हुआ। संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों के 300 से 500 शिक्षक शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से संवाद करने के दौरान यह जाना कि युवा शिक्षकों की नई पीढ़ी शिक्षा के क्षेत्र में क्या बदलाव चाहती है।