
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नगर निगम में हाल ही में नेता प्रतिपक्ष बनीं सोनीला मिमरोट ने शनिवार को पहली पत्रकार वार्ता में महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर निशाना साधा। नगर निगम के नामांतरण घोटाले को उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह बता रहा है कि नगर निगम में व्यवस्था समाप्त हो चुकी है। इस स्थिति के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्होंने मांग रखी कि पूरे मामले की जांच लोकायुक्त को सौंपी जानी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष के साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे भी पत्रकार वार्ता में शामिल थे। उन्होंने कहा कि 360 लोगों की संपत्ति को बिना किसी दस्तावेज़ के दूसरे के नाम पर दर्ज कर दिया गया। इंदौर नगर निगम में अंधेर नगरी चौपट राजा की स्थिति बनी हुई है।
महापौर के साथ राजस्व विभाग के तत्कालीन अपर आयुक्त श्रृंगार श्रीवास्तव, निगम के उपायुक्त प्रदीप जैन के साथ निगम मुख्यालय में सहायक राजस्व अधिकारी अतीक खान और मयूर पाटील जिम्मेदार हैं। नगर निगम के द्वारा हर घोटाले की तरह इस घोटाले में भी नोटिस और जांच के नाम पर दोषियों को बचाने का खेल किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष मिमरोट ने कहा कि किसी की भी संपत्ति को आधी रात में नगर निगम में किसी और के नाम पर दर्ज कर दिया जाता है। यह आपराधिक षड्यंत्र है। मुझे यह जानकारी मिली है कि इस काम को करने के लिए करोड़ों रुपये की रिश्वत बांटी गई है। यह ऐसा मामला है जिसमें कि आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए।
इस प्रकरण में उन 360 लोगों को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए जिनके नाम पर दूसरे की संपत्ति दर्ज की गई। जब उन लोगों को आरोपी बनाया जाएगा तो फिर वे लोग ही यह बताएंगे कि यह काम उनके लिए किसने किया और कितने पैसे लेकर किया। मैं राज्य सरकार से मांग करती हूं कि नगर निगम में हुए अपने तरह के इस भ्रष्टाचार के मामले की जांच लोकायुक्त को सौंपी जाए।
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अधिकारी को धन्यवाद देते हुए चौकसे व मिमरोट ने निगम के अधिकारियों को संवेदनशील बताते हुए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि गुरुवार के दिन महापौर पुष्यमित्र भार्गव के द्वारा महापौर परिषद की वर्चुअल बैठक ली गई।
इस बैठक में निगम के अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि शुक्रवार से लगने वाले कर्बला मेले की अनुमति को निरस्त कर दें। इंदौर नगर निगम में पदस्थ अधिकारी संवेदनशील हैं और वे नियम-कायदों को जानते हैं। यही कारण है कि महापौर परिषद के प्रस्ताव के बाद भी मेले को दी गई अनुमति निरस्त करने का आदेश अधिकारियों के द्वारा जारी नहीं किया गया।