सावधान! 10 साल में नहीं बनाया घर तो रद्द हो सकती है लीज, IDA की योजनाओं में हजारों आवेदन लंबित
इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) की विभिन्न आवासीय योजनाओं में वर्षों पहले भूखंड खरीदने वाले कई भूखंडधारक इन दिनों नियमों के कारण परेशान हो रहे हैं। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 08 Mar 2026 09:40:17 PM (IST)Updated Date: Sun, 08 Mar 2026 09:40:17 PM (IST)
IDA की योजनाओं में हजारों आवेदन लंबित, AI generated Imageनईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) की विभिन्न आवासीय योजनाओं में वर्षों पहले भूखंड खरीदने वाले कई भूखंडधारक इन दिनों नियमों के कारण परेशान हो रहे हैं। दरअसल आवंटन के बाद 10 वर्षों की अवधि में निर्माण कार्य नहीं करने वाले प्लाटधारकों के नामांतरण, लीज नवीनीकरण और भू-स्वामी अधिकार से जुड़ी प्रक्रियाएं फिलहाल अटकी हुई हैं। इससे हजारों आवेदकों के काम लंबित हैं। विगत दिनों नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की आइडीए में हुई बैठक में इसका मुद्दा उठा था और शासन स्तर से आदेश जारी करने की बात कही गई है।
लीज निरस्तीकरण का बढ़ा खतरा
यदि निर्माण नहीं करने वालों की लीज निरस्त होती है, तो भूखंडधारकों की परेशानी बढ़ सकती है। मौजूदा नियमों के अनुसार यदि किसी भूखंड पर तय समय सीमा में न्यूनतम 10 प्रतिशत निर्माण कार्य नहीं होता है, तो उस भूखंड की लीज निरस्त करने का प्रावधान लागू हो जाता है। आईडीए की कई पुरानी योजनाओं में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां आवंटन के वर्षों बाद भी भूखंडों पर निर्माण नहीं कराया गया। अब ऐसे भूखंडों के नामांतरण या अन्य प्रक्रियाओं को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं हो पा रहा है।
शासन की मंजूरी का इंतजार
इस समस्या को देखते हुए आईडीए ने शासन को नियमों में संशोधन का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अभी तक इस पर मंजूरी नहीं मिल पाई है। जब तक शासन से अनुमति नहीं मिलती, तब तक इन मामलों में आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है। इससे हजारों भूखंडधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आईडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित झाड़े का कहना है कि इस संबंध में शासन को पत्र भेजा गया है। अनुमति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
सुपर कॉरिडोर और अन्य स्कीमों में खाली पड़े भूखंड
सुपर कॉरिडोर पर खाली भूखंड आईडीए के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में वर्षों पहले योजनाएं लागू की थी। कई भूखंडों पर आवंटन के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा या शुरू नहीं हुआ है। कुछ समय पहले तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने इस क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए थे। आईडीए ने निर्माण नहीं करने वाले भूखंडधारकों को लीज निरस्तीकरण की चेतावनी भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। वहीं स्कीम 136, 134, 94, 78, 114, 97 आदि में भी कई भूखंड खाली पड़े हैं।