
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मप्र में राज्यसभा नामांकन पर भाजपा कांग्रेस के बीच शुरू हुई राजनीतिक लड़ाई बयानों के बाद अब शिकवा-शिकायत तक पहुंच गई है। तीनों सीटों पर भाजपा का कब्जा हो चुका है।
कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस विधायक व नेता दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह के खिलाफ शिकायती पत्र भारत के सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता को लिख दिया है। महापौर ने कांग्रेस नेता के खिलाफ आपराधिक अवमानना का प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।
नटराजन का नामांकन रद होने के बाद कांग्रेस नेता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी सिलसिले में दिग्विजयसिंह का एक बयान भी बहुप्रसारित हुआ है। सिंह ने कहा था कि कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद करना सीट चोरी है। सिंह ने इसे मिली-जुली चोरी बताया था।
पुष्यमित्र भार्गव ने सॉलिसिटर जनरल को लिखे पत्र में कहा है कि सिंह के खिलाफ कंटेम्प्ट आफ कोर्ट्स एक्ट 1971 के सेक्शन 15(1) (बी) में सर्वोच्च न्यायालय की आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की जाना चाहिए। इंदौर के महापौर ने पत्र में दिग्विजयसिंह के प्रसारित वीडियो में सुनाई दे रहे बयान की ट्रांसक्रिप्ट भी संलग्न की है।
भार्गव ने लिखा है कि सिंह ने वीडियो में कहा है कि चोरी में सभी शामिल हैं। न केवल राज्य बल्कि केंद्र भी, चुनाव आयोग भी और माननीय मुझे कहना पड़ रहा है कि सुप्रीम कोर्ट भी। सिंह ने कोर्ट द्वारा कांग्रेस की याचिका की सुनवाई देरी से करने को लेकर कोर्ट का उल्लेख बयान में किया था। इस बयान को कोर्ट की गरिमा के विरुद्ध और स्कैंडलाइज्ड करने वाला बताया है।
दूसरी ओर महू से भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद होने को बद्दुआ का असर करार दिया। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ठाकुर ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन एक महिला है लेकिन उन्होंने तेलंगाना में कांग्रेस नेता के खिलाफ की गई एक महिला की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। ऐसे में उस पीडि़त महिला की बद्दुआ नटराजन को लगी। इसी के असर से उनका नामांकन रद हुआ।
'यह मिली-जुली चोरी है, इसमें सब शामिल', मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर भड़के दिग्विजय सिंह