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नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जिले के हजारों मरीजों के लिए बुधवार का दिन किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है। करीब आठ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद धार रोड़ स्थित जिला अस्पताल शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। जिस अस्पताल का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, अब उसके दरवाजे इलाज के लिए खुलने जा रहे हैं। फिलहाल अस्पताल की पांच मंजिला इमारत में दूसरी मंजिल तक सेवाएं शुरू की जा रही हैं।
अब गंभीर हालत में प्रसूताओं को इलाज के लिए निजी अस्पतालों या अन्य शासकीय अस्पताल में नहीं जाना पड़ेगा। जिला अस्पताल में ही सुरक्षित प्रसव, आपरेशन की सुविधा और नवजात शिशुओं के लिए अत्याधुनिक आईसीयू उपलब्ध रहेगा।
अस्पताल के शुरू होने से आसपास के हजारों परिवारों का समय, पैसा और परेशानी कम होगी। विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों से 166 डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की पदस्थापना जिला अस्पताल में हो गई है। इनमें डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर, लैब टेक्नीशियन, रेडियोग्राफर, फार्मासिस्ट, वार्ड बाय और अन्य आवश्यक कर्मचारी शामिल हैं। अभी तक अस्पताल में सिर्फ ओपीडी और प्रसूति वार्ड संचालित होता था। यहां आने वाले गंभीर मरीजों को रैफर किया जाता था।
जिला अस्पताल का निर्माण कार्य वर्ष 2018 में शुरू हुआ था, तब इसे 100 बेड का बनाने की योजना थी। इसकी लागत तब 18 करोड़ रूपये थी। इसके बाद अस्पताल 300 बेड का बनना तय हुआ। तब इसकी लागत 50 करोड़ रूपये हुई। लेटलतीफी के कारण इसकी लागत 83 करोड़ रूपये पहुंच गई।
तल मंजिल
पहली मंजिल
दूसरी मंजिल
इंदौर में जिला अस्पताल के लिए 166 कर्मचारियों के अटैचमेंट खत्म, तत्काल ज्वॉइनिंग करने के आदेश