इंदौर में पिकनिक स्पाॅट मेंहदीकुंड में युवक-युवती के हत्याकांड में दोहरा आजीवन कारावास, शव कंकाल में बदल गए थे
हत्यारों ने युवक-युवती को 200 फीट गहरी खाई में फेंककर उनकी हत्या की थी। महीनों तक वहां पड़े रहने से शव कंकाल हो गए थे। ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 11 Jun 2026 05:56:11 PM (IST)Updated Date: Thu, 11 Jun 2026 05:59:24 PM (IST)
इंदौर कोर्ट का फैसला।नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। लगभग 9 वर्ष पहले पिकनिक स्पाट मेहंदी कुंड और नकोड़ी कुंडी के बीच युवक-युवती की हत्या के मामले में सेशन कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने हत्यारे बलराम नवल सिंह मकवाना निवासी बसी पीपरी, महू को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
वारदात में चार आरोपित शामिल थे। दो अन्य आरोपित वारदात के समय अव्यस्क थे, जबकि एक अन्य फरार चल रहा है। अपर सत्र न्यायाधीश सोनल पटेल ने प्रकरण में फैसला सुनाया।
हत्यारों ने युवक-युवती को 200 फीट गहरी खाई में फेंककर उनकी हत्या की थी। महीनों तक वहां पड़े रहने से शव कंकाल हो गए थे।
वारदात 6 नवंबर 2017 की है। दोपहर लगभग तीन बजे हिमांशु और श्रेया नामक युवक-युवती स्कूटर से पिकनिक स्पाट मेहंदीकुंड घूमने निकले थे। इसी बीच आरोपित बलराम और अन्य युवक-युवती को मिले।
वे रास्ता बताने के बहाने दोनों को बड़िया के जंगल में नकोड़ी कुंड के पास गहरी खाई वाली जगह पर ले गए।
आरोपित ने पहले तो डराया-धमकाया फिर मारपीट कर युवक-युवती के पास से 5200 रुपए नकद, आधार कार्ड, सोने की चेन आदि छीन लिए।
बाद में उसने युवक-युवती को गहरी खाई में धकेल दिया। युवक-युवती की मौत हुई या नहीं यह देखने के लिए आरोपी खाई में उतरा और पत्थरों से सिर कुचलकर उनके शव बड़े-बड़े पत्थरों से ढंककर फरार हो गए।
ऐसे सामने आया मामला
- वारदात को अंजाम देने के लगभग छह माह बाद चार बोरी चना चोरी के एक अन्य मामले में आरोपित बलराम जेल गया था।
- वहां उसका एक अन्य कैदी से एक-दूसरे को चोरी के मामले में फंसाने की बात को लेकर विवाद हुआ।
- इस विवाद के दौरान युवक-युवती की हत्या की बात सामने आ गई।
- मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों के शव खाई में मिले।
- लंबा समय बीतने की वजह से दोनों के शव कंकाल हो चुके थे।
- अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक अजय मिमरोट ने मामले में पैरवी की।